UP Politics: केंद्रीय मंत्री बोले- आरक्षण प्रक्रिया रोककर डीएमके ने किया छल, यह महिलाओं का अपमान; गरमाई सियासत
Varanasi News: वाराणसी के सर्किट हाउस में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए महिला आरक्षण बिल को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और महिला आरक्षण बिल इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
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UP Politics: केंद्रीय केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया को रोककर कांग्रेस सहित दूसरे राजनीतिक दलों ने नारी शक्ति के साथ छल किया है। ऐतिहासिक विधेयक को रोक कर जश्न मनाना महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री बुधवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिनियम लाने से पहले ही सभी राजनीतिक दलों से चर्चा की गई थी। इसके बावजूद कांग्रेस, सपा और डीएमके ने इसे रोकने के प्रयास किए। 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद के विशेष सत्र के दौरान तीन प्रमुख विधेयकों पर चर्चा हुई।
सियासी तंज भी किया
इनमें 131वां संविधान संशोधन विधेयक, 2026 सबसे महत्वपूर्ण है जिसका प्राथमिक उद्देश्य नारी शक्ति वंदन अधिनियम को धरातल पर उतारना है। इस अधिनियम को लागू करने के लिए जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया अनिवार्य है। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण इन प्रक्रियाओं में देरी हुई जिसके फलस्वरूप आरक्षण लागू होने की समय सीमा में विस्तार हुआ है।
मेघवाल ने कहा कि सरकार लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों की संख्या में वृद्धि कर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित करने का प्रस्ताव लेकर आई है। लोकसभा के साथ ही दिल्ली, पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में सीटों के पुनर्गठन का प्रस्ताव शामिल है। इस राष्ट्रीय महत्व के विषय पर विपक्षी दलों में सहमति का पूर्ण अभाव दिखा। राज्यसभा सांसद डॉ. सीमा द्विवेदी ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिला अध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष विनीता सिंह उपस्थित रहीं।