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संघ की शाखा के लिए गणवेश की अनिवार्यता खत्म
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 21 Mar 2016 02:27 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने युवाओं को जोड़ने के लिए न केवल गणवेश में बड़ा बदलाव किया है बल्कि शाखा में गणवेश की अनिवार्यता में भी ढील दी है। संघ के काशी प्रांत के कार्यवाह बांकेलाल यादव ने बताया कि 11 से 13 मार्च तक राजस्थान के नागौर में हुई संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में गणवेश को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। अब संघ के स्वयंसेवक नेकर (खाकी हाफ पैंट) की जगह भूरे रंग की फुलपैंट पहनेंगे। नई व्यवस्था संघ के स्थापना दिवस विजयादशमी से लागू हो जाएगी।
रविवार को अपराह्न लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र में पत्रकारों से बातचीत में प्रांत कार्यवाह बांकेलाल ने बताया कि नया गणवेश स्वयंसेवकों को संघ ही मुहैया कराएगा ताकि रंग में एकरूपता बनी रहे। पैंट का कपड़ा खादी होगा, ऐसी अनिवार्यता नहीं है। संघ के शाखा विस्तार से जुड़े सवाल के जवाब में प्रांत कार्यवाह ने बताया कि मौजूदा वक्त में 42 प्रांतों में संघ की कुल 56859 शाखाएं संचालित हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 51335 था। यानी एक साल में पांच हजार से अधिक नई शाखाएं खुली हैं। काशी प्रांत की बात करें तो एक साल में यहां 79 नई शाखाएं खुली हैं।
काशी प्रांत में कुल 24 जिले शामिल हैं। विस्तार की रफ्तार धीमी जरूर है लेकिन युवा तेजी से संघ से जुड़ रहे हैं। बताया कि काशी प्रांत में संघ की 2297 शाखाएं संचालित हैं। बताया कि इस साल एक लाख 12 हजार 520 नए स्वयंसेवक बने जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 80409 रहा। संघ से जुड़ने वालों की आयु 13 साल से 40 साल के बीच है। संघ से जुड़ते ही इन्हें सात दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। काशी प्रांत में 2127 नए स्वयंसेवेक बने। इन्हें 29 स्थानों पर अलग-अलग लगे शिविरों में प्रशिक्षित किया गया।
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अयोध्या में राममंदिर निर्माण से जुड़े सवाल पर प्रांत कार्यवाह ने कहा कि तथ्यों के आधार पर हमारा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हमारे पक्ष में होगा और अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि संघ की प्रतिनिधि सभा ने देश के गौरव संत रामानुजाचार्य, गुरु गोविंद सिंह, डॉ. भीमराव अंबेडकर, पं. दीनदयाल उपाध्याय और बाला साहब देवरस की जयंती इस साल धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है।
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रविवार को अपराह्न लंका स्थित विश्व संवाद केंद्र में पत्रकारों से बातचीत में प्रांत कार्यवाह बांकेलाल ने बताया कि नया गणवेश स्वयंसेवकों को संघ ही मुहैया कराएगा ताकि रंग में एकरूपता बनी रहे। पैंट का कपड़ा खादी होगा, ऐसी अनिवार्यता नहीं है। संघ के शाखा विस्तार से जुड़े सवाल के जवाब में प्रांत कार्यवाह ने बताया कि मौजूदा वक्त में 42 प्रांतों में संघ की कुल 56859 शाखाएं संचालित हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 51335 था। यानी एक साल में पांच हजार से अधिक नई शाखाएं खुली हैं। काशी प्रांत की बात करें तो एक साल में यहां 79 नई शाखाएं खुली हैं।
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काशी प्रांत में कुल 24 जिले शामिल हैं। विस्तार की रफ्तार धीमी जरूर है लेकिन युवा तेजी से संघ से जुड़ रहे हैं। बताया कि काशी प्रांत में संघ की 2297 शाखाएं संचालित हैं। बताया कि इस साल एक लाख 12 हजार 520 नए स्वयंसेवक बने जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 80409 रहा। संघ से जुड़ने वालों की आयु 13 साल से 40 साल के बीच है। संघ से जुड़ते ही इन्हें सात दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। काशी प्रांत में 2127 नए स्वयंसेवेक बने। इन्हें 29 स्थानों पर अलग-अलग लगे शिविरों में प्रशिक्षित किया गया।
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अयोध्या में राममंदिर निर्माण से जुड़े सवाल पर प्रांत कार्यवाह ने कहा कि तथ्यों के आधार पर हमारा विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हमारे पक्ष में होगा और अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि संघ की प्रतिनिधि सभा ने देश के गौरव संत रामानुजाचार्य, गुरु गोविंद सिंह, डॉ. भीमराव अंबेडकर, पं. दीनदयाल उपाध्याय और बाला साहब देवरस की जयंती इस साल धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है।