बच्चों ने अधिकारियों से लगाई गुहार: अंकल जी...छुट्टी में भी पापा ट्रेन चलाते हैं, घंटों तक घर नहीं आते
वाराणसी के लहरतारा स्थित अधिकारी क्लब में पूर्वोत्तर रेलवे के क्रू लाॅबी की ओर से पारिवारिक संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें संरक्षित ट्रेन संचालन में परिवार की भूमिका व भागीदारी पर चर्चा की गई।
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अंकल जी, पापा घंटों तक ड्यूटी पर रहते हैं। छुट्टी में भी ड्यूटी पर बुला लिया जाता है। तबीयत ठीक नहीं होते हुए भी दवा खाकर काम करते हैं। छुट्टी में भी आराम नहीं करते...। यह बातें शनिवार को लोको पायलट व सहायक लोको पायलट के बच्चों ने रेल अधिकारियों से कहीं।
वाराणसी के लहरतारा स्थित अधिकारी क्लब में पूर्वोत्तर रेलवे के क्रू लाॅबी की ओर से पारिवारिक संरक्षा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें संरक्षित ट्रेन संचालन में परिवार की भूमिका व भागीदारी पर चर्चा की गई। वाराणसी मंडल में कार्यरत लोको पायलट/सहायक लोको पायलट के परिजनों ने काम के घंटों, विश्राम और छुट्टी जैसी विभिन्न समस्याओं को मंडल के अधिकारियों के समक्ष रखा।
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अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि समस्याओं का जल्द समाधान होगा। मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पांडेय ने कहा कि लोको पायलट का ट्रेन संचालन में उनके परिवार की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रायः ड्यूटी में व्यस्तता के कारण लोको पायलट अपने परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाते।
इसके निवारण के लिए यह व्यवस्था की जा रही है कि यदि पायलटों को किसी प्रकार की पारिवारिक समस्या हो तो प्रशासन उसे दूर करने की कोशिश करेगा। इसके पूर्व स्काउट व गाइड सदस्य ज्योति मिश्रा और शिवांगी यादव ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। संगोष्ठी में अनिल कुमार श्रीवास्तव, आलोक केसरवानी, समीर पॉल, आशुतोष शुक्ला, आदि मौजूद रहे। डीआरएम ने लोको पायलट के परिवारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।