मिर्जापुर अस्थाई जेल से फरार दूसरा बंदी भी पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, दोनों पैर में लगी गोली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर जिले के चुनार के राजकीय पॉलिटेक्निक में बने अस्थाई जेल से फरार दूसरे बंदी को भी पुलिस ने हलिया मध्य प्रदेश के बॉर्डर पर लहुरिया दह पहाड़ी पर मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उसके दोनों पैरों में लगी है। बाइक से चोरी छिपे अपने घर जा रहे 25 हजार के इनामियां फरार बंदी द्वारा फायरिंग करने के बाद जवाबी कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में पुलिस ने गोली मार दी।
मौके पर पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने पहुंच कर पूछताछ की। बड़ी बात ये है कि जेल से भागने के बाद पहले वाले बंदी की तरह दूसरे बंदी के पास भी बाइक व तमंचा मिला। आखिर जेल से भागने के बाद तमंचा कहां से पहुंचा। ये बड़ा सवाल है।
23 जुलाई को वाहन चोरी में गिरफ्तार सतीश शुक्ला पुत्र लक्ष्मी नारायण शुक्ला निवासी सोनाहौरी थाना सोलंगी जनपद रीवां मध्य प्रदेश और आशीष बिंद पुत्र रामप्रकाश बिंद निवासी बेलवा थाना मांडा जनपद प्रयागराज को चुनार के अस्थाई जेल में बंद किया गया था। बुधवार की देर रात ढाई बजे दोनों खिड़की की छड़ तोड़ फरार हो गए।
गुरुवार की शाम को चेकिंग के दौरान जिगना पुलिस ने आशीष को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।उसके पैर में भी गोली लगी थी। दूसरे आरोपी की पुलिस तलाश कर रही थी। दूसरा आरोपी मध्य प्रदेश का था तो पुलिस बार्डर पर मुस्तैद थी। पुलिस का दावा है कि चेकिंग के दौरान सतीश पुलिस पर फायर कर भागने लगा।
जवाबी कार्रवाई में हलिया पुलिस ने ड्रमण्डगंज व हनुमना के बीच लहुरिया दह पहाड़ी पर मुठभेड़ में उसके पैरों पर गोली मारकर उसे पकड़ लिया। उसके पास से तमंचा बरामद किया गया। उसे लालगंज सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
मौके पर पहुंचे एसपी ने बताया कि फरार बंदी शातिर अपराधी है। सतीश मोटरसाइकिल से छिपकर अपने गृह जनपद रीवां जा रहा था। पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया तो तमंचे से फायर किया। पुलिस ने बचते हुए उसके पैर में गोली मारकर पकड़ लिया।