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ट्रेन की चपेट में आने से सगी बहनों की मौत, मां की दूसरी शादी के बाद ननिहाल में रहती थी दोनों
Mon, 17 Dec 2018 12:07 PM IST
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न्यूज डेस्क,अमर उजाला,गाजीपुर
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Published by: utpal utpal
Updated Mon, 17 Dec 2018 12:07 PM IST
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यूपी के गाजीपुर जिले के मंझरिया गांव के पास रविवार की शाम काशी- दादर एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। मंझरिया गांव के नवपुरवा बस्ती निवासी महेंद्र सिंह की भांजी मोना (16) और सोना (15) पिता की मौत और मां की दूसरी शादी हो जाने के बाद उनके यहां रह कर पढ़ाई करती थीं।
रविवार की शाम दोनों बहनें गांव के सामने स्थित खेत की तरफ गई थीं। रेलवे लाइन पार करते समय वे कुर्ला टर्मिनल से चल कर गोरखपुर जाने वाली काशी दादर एक्सप्रेस की जद में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। घटना की जानकारी ट्रेन चालक ने दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन पर मेमो के माध्यम से दी।
दुल्लहपुर पुलिस की सूचना पर भुड़कुड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतका के परिवार के लोग भी पहुंच गए और शवों देख कर रोने बिलखने लगे।
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रविवार की शाम दोनों बहनें गांव के सामने स्थित खेत की तरफ गई थीं। रेलवे लाइन पार करते समय वे कुर्ला टर्मिनल से चल कर गोरखपुर जाने वाली काशी दादर एक्सप्रेस की जद में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। घटना की जानकारी ट्रेन चालक ने दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन पर मेमो के माध्यम से दी।
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दुल्लहपुर पुलिस की सूचना पर भुड़कुड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर, घटना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मृतका के परिवार के लोग भी पहुंच गए और शवों देख कर रोने बिलखने लगे।
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ट्रेन से जद में आने से मृत बहनें सोना और मोना के पिता की काफी पहले मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद उनकी मां ने दूसरी शादी कर ली। इसके बाद से दोनों बहने बचपन से ही मंझरिया गांव के नवपुरवा बस्सी निवासी अपने ननिहाल में मामा महेंद्र सिंह के घर पर रह कर पढ़ाई करती थीं। मोना कक्षा-10 और सोना कक्षा नौ में पढ़ती थी। दोनों होनहार थीं।
दोनों पढ़ाई करते हुए परिवार के साथ घर के कामों में हाथ बंटाती थी। इस घटना से ग्रामवासी दु:खी मन से चर्चा करते रहे। उनकी चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि दोनों बहनें मृदुभाषी स्वभाव की थीं। उनके इसी व्यवहार की वजह से ग्रामवासी दोनों को प्यार और सम्मान देते हैं।
कहीं भी जाना होता था, तो दोनों साथ ही जाती थीं। चाहे वह स्कूल हो या फिर खेत या दुकान पर सामानों की खरीददारी करने। शायद इसे ऊपर वाले की लीला ही कही जाएगी कि हर समय साथ रहने वाली बहनें एक साथ इस दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए विदा हो गई।
दोनों पढ़ाई करते हुए परिवार के साथ घर के कामों में हाथ बंटाती थी। इस घटना से ग्रामवासी दु:खी मन से चर्चा करते रहे। उनकी चर्चाओं में यह बात प्रमुखता से शामिल थी कि दोनों बहनें मृदुभाषी स्वभाव की थीं। उनके इसी व्यवहार की वजह से ग्रामवासी दोनों को प्यार और सम्मान देते हैं।
कहीं भी जाना होता था, तो दोनों साथ ही जाती थीं। चाहे वह स्कूल हो या फिर खेत या दुकान पर सामानों की खरीददारी करने। शायद इसे ऊपर वाले की लीला ही कही जाएगी कि हर समय साथ रहने वाली बहनें एक साथ इस दुनिया से हमेशा-हमेशा के लिए विदा हो गई।