फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   two person killed in chandauli after outrage for family dispute

चंदौली में खूनी संघर्ष में चाचा-भतीजे की मौत, छोटे से विवाद ने दो घरों को किया बर्बाद

Mon, 26 Nov 2018 10:31 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली Updated Mon, 26 Nov 2018 10:31 AM IST
विज्ञापन
two person killed in chandauli after outrage for family dispute
अतायस्तगंज गांव में भूमि विवाद को लेकर हुआ था संघर्ष - फोटो : अमर उजाला
यूपी के चंदौली जिले के अतायस्तगंज गांव  में मामूली विवाद में हुए खूनी संघर्ष ने दो परिवार को बर्बाद कर दिया है। तीन दशक से चल रही जमीन की लड़ाई में आखिर दो लोगों की जान चली गई। जबकि एक व्यक्ति बीएचयू के ट्रामा सेंटर जीवन और मौत से जूझ रहा है। 
विज्ञापन


शनिवार दोपहर पट्टीदारों के बीच हुए खूनी संघर्ष में घायल देवानंद पांडेय (30) और हरिशंकर पांडेय (65) की बीएचयू ट्रामा सेंटर में मौत हो गई। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस तैनात की गई है। दोनों ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मारपीट में प्रयुक्त गड़ासा, लाठी आदि बरामद किया है।
विज्ञापन


अतायस्तगंज गांव के पारस पांडेय और हरिशंकर पांडेय के बीच सवा बीघा भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। कई बार मारपीट हो चुकी थी और सुलह समझौते भी हुए लेकिन बात नहीं बनी और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 11 दिन पहले पारस पांडेय की मौत हो गई थी। शनिवार को दसवां कर्म कर पारस के बेटे शिवानंद (40), देवानंद पांडेय (30) और शिवानंद का बेटा गौरव घर लौटे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोपहर में किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया। धारदार हथियार और लाठी डंडे से हुई मारपीट में एक पक्ष से देवानंद, शिवानंद और गौरव जख्मी हुए जबकि दूसरे पक्ष से हरिशंकर जख्मी हो गए। पुलिस ने घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचाया। यहां से तीनों को डाक्टरों ने ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।

ट्रामा सेंटर में शनिवार की देर रात देवानंद और हरिशंकर की मौत हो गई।  वहीं शिवानंद पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ और दूसरे पक्ष की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। हरिशंकर पक्ष के वंशीधर पांडेय और उसके पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीओ चकिया कुंअर प्रभात सिंह ने गांव में पहुंच कर वस्तुस्थिति का जायजा लिया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीओ का कहना है कि मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। 

दो मौतों के बाद गांव में पसरा सन्नाटा

अतायस्तगंज गांव में खूनी संघर्ष में चाचा-भतीजे की मौत के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। बीएचयू ट्रामा सेंटर में रविवार को मौत सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बस्ती के चूल्हे नहीं जले। गमगीन ग्रामीण भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। गांव में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है।  

घटना के बाद दोनों भाईयों के घरों में ताला लटक गया। पुलिस के भय से महिलाएं और पुरुष फरार हो गए। कोई रिश्तेदार के यहां तो मित्रों के यहां शरण ले रखी है। हालांकि एक परिवार की महिलाएं शाम को घर लौट आई लेकिन पुरुष अभी घर से बाहर हैं।

शनिवार को गड़ासा और लाठी डंडे से मारपीट में तीनों के गंभीर रूप से जख्मी होने के बाद सभी को अंदाजा हो गया था कि इसमें देवानंद का बचना मुश्किल है। हालांकि इस बीच घायल दूसरे पक्ष के हरिशंकर की भी मौत हो गई। मारपीट के बाद हरिशंकर के बाद से ही उसके बेटे फरार हो गए। वहीं शिवानंद, दयानंद और गौरव के जख्मी होने के बाद सभी ट्रामा सेंटर पहुंच गए। ऐसे में दोनों घरों में दिन भर ताला लटका रहा।  

अतायस्तगंज गांव में मामूली विवाद में हुए खूनी संघर्ष ने दो परिवार को बर्बाद कर दिया है। तीन दशक से चल रही जमीन की लड़ाई में आखिर दो लोगों की जान चली गई। जबकि एक व्यक्ति बीएचयू के ट्रामा सेंटर जीवन और मौत से जूझ रहा है। दूसरे घर में पिता की मौत हो गई और दो बेटे कानूनी दांवपेंच में फंस चुके हैं। दोनों भाईयों केे परिवार में महिलाओं का बुरा हाल है।  

इस खूनी संघर्ष में झांके तो पूरी लड़ाई सिर्फ अहंकार की थी। एक पिता के चार संतान पारस पांडेय, हरिशंकर, वंशीधर और रमाशंकर पांडेय हुए। पारस पांडेय और हरिशंकर पेशे से सरकारी अध्यापक थे। तीन दशक पहले चारों भाइयों का बंटवारा हो गया और सभी अलग-अलग परिवार के साथ रहने लगे। यहां पारस, हरिशंकर और वंशीधर के बीच सवा बीघा भूमि को लेकर मनमुटाव शुरू हो गया।

बात मारपीट और अदालत तक पहुंच गई। कुछ दिन पहले भूमि विवाद में समझौता भी हो गया लेकिन मन से अदावत नहीं गई। इसका नतीजा हुआ कि घर से पानी निकासी को लेकर हरिशंकर और पारस के बीच लड़ाई शुरू हो गई। नौकरी के बीच में ही पारस की मौत के बाद परिवार वाले गम में थे, कि शनिवार को हरिशंकर और पारस के बेटों के बीच खूनी संघर्ष हो गई।

इसमें हरिशंकर और दूसरे पक्ष से  देवानंद की मौत हो गई। देवानंद चिकित्सा विभाग में पैरावेट के रूप में काम करता था। उसकी मौत के बाद पत्नी विभा का रो रोकर हाल बेहाल हो गया है। बेटी तान्या प्राथमिक विद्यालय की छात्रा है। कभी-कभी दादी को देखती है तो कभी रोते हुए मां को। माता चिंता देवी पति की मौत के बाद पहले ही बेहाल थी कि अब जवान बेटे की मौत ने उसे बेसुध कर दिया है।

घटना में घायल शिवानंद ट्रामा सेंटर इलाज करा रहा है। शिवानंद का पुत्र गौरव भी चोटिल है। ऐसे में उसकी पत्नी की समझ में नहीं आ रहा है कि वह क्या करे। दूसरी तरफ इस घटना में मृत सेवानिवृत्त शिक्षक हरिशंकर के दो बेटे हैं। घटना के बाद दोनों बेेटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed