Varanasi Encounter: आभूषण व्यापारी को गोली मारने वाले दो बदमाश मुठभेड़ में घायल, वारदात के 18 घंटे बाद धराए
वाराणसी पुलिस ने आभूषण व्यापारी को गोली मारने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार किया। वारदात के 18 घंटे बाद कमिश्नरेट के लंका और चितईपुर थाने की पुलिस को यह सफलता मिली।
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वाराणसी के करौंदी स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के समीप आभूषण व्यापारी को लूट की नीयत से गोली मारने वाले दो बदमाश 18 घंटे बाद शनिवार की शाम पुलिस मुठभेड़ में डाफी टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार किए गए। दोनों के पैर में गोली लगी है और उपचार के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
बदमाशों की पहचान चंदौली जिले के सैयदराजा थाना के पंचदेवरा गांव निवासी रुद्र प्रताप सिंह उर्फ चंदन सिंह और डोमरी गांव के मूल निवासी व पंचदेवरा स्थित ननिहाल में रहने वाले अंशू खरवार के रूप में हुई है। दोनों के पास से नाइन एमएम व .32 बोर की दो पिस्टल, चार कारतूस और वारदात में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है।
नरायणपुर डाफी निवासी मनोज सेठ की आभूषण की दुकान सुसुवाही क्षेत्र में है। रोजाना की भांति मनोज शुक्रवार की रात 9:30 बजे अपनी दुकान बंद किए। इसके बाद वह बाइक से बटुकभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने जा रहे थे। करौंदी स्थित आईटीआई के समीप पीछे से आए बाइक सवार दो बदमाशों ने मनोज को लक्ष्य कर तीन राउंड फायरिंग की। बदमाशों के असलहे से निकली गोली मनोज की बायीं बाह पर लगी थी।
डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल ने बताया कि मनोज की दुकान से लेकर घटनास्थल के बीच के सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो बदमाश अंशू और चंदन चिह्नित हुए। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच शाम के समय चितईपुर से लंका की तरफ जा रहे दोनों बदमाशों की सूचना पर लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने डाफी टोल प्लाजा के समीप घेराबंदी की।
इस बीच बदमाशों का पीछा करते हुए चितईपुर थानाध्यक्ष संजय मिश्र व चौकी प्रभारी पंकज पांडेय और काशी जोन की क्राइम टीम के दरोगा शैलेंद्र सिंह भी पहुंचे। पुलिस से घिरते देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अंशू के बाएं और चंदन के दाएं पैर में गोली लगी। डीसीपी काशी जोन ने बताया कि चंदौली की पुलिस की मदद से दोनों बदमाशों के आपराधिक इतिहास का पता लगाया जा रहा है।
व्यापारी की रेकी कर मारी थी गोली
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में दोनों बदमाशों ने बताया कि मनोज सेठ रोजाना आभूषण की दुकान बंद करने के बाद बटुकभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन करने जाते थे। इसकी जानकारी उन्हें हुई तो दोनों ने तीन-चार दिन उनकी रेकी की। करौंदी स्थित आईटीआई के समीप अंधेरा रहने के कारण वह स्थान घटना को अंजाम देने के लिए दोनों ने चुना। दोनों ने लूट की नीयत से व्यापारी मनोज सेठ पर तीन राउंड फायरिंग की थी। मगर, एक गोली ही उन्हें लगी और उसके बाद भी वह बाइक यू-टर्न कर हैदराबाद गेट की ओर भाग निकले। इसके चलते दोनों को करौंदी चौराहा की ओर भागना पड़ा था।