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छात्रवृत्ति में पौने पांच करोड़ की घपलेबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 14 Apr 2016 02:04 AM IST
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अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति में जिले के आठ ब्लॉकों, नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्र रामनगर में वित्तीय वर्ष 1998-99 से 2000-01 तक जमकर लूटखसोट हुई। इसका खुलासा सतर्कता अधिष्ठान की जांच में हुआ है। इस संबंध में जिले के दर्जनों प्रधानाध्यापक, पूर्व प्रधान, नलकूप चालक और वीडीओ के खिलाफ बुधवार को कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। सभी पर अनियमितता, भ्रष्टाचार, सरकारी धन के गबन, दस्तावेज में हेराफेरी और षड्यंत्र कर अपराध करने का आरोप है।
जिले में चिरईगांव, हरहुआ, बड़ागांव, आराजीलाइन, चोलापुर, शिवपुर, पिंडरा और काशी विद्यापीठ ब्लॉक हैं। इनके साथ ही नगर निगम वाराणसी और नगर पालिका क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए वित्तीय वर्ष 1998-99, 1999-2000 और 2000-01 में चार करोड़ 71 लाख 86 हजार 660 रुपया जारी हुआ। हालांकि इस धनराशि का वितरण कैसे हुआ इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से नहीं मिल सका। कैंट इंस्पेक्टर एके ओझा ने बताया कि सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर मामले में कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जांच में यह भी सामने आया कि कई आरोपियों की मौत भी हो चुकी है।
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जिले में चिरईगांव, हरहुआ, बड़ागांव, आराजीलाइन, चोलापुर, शिवपुर, पिंडरा और काशी विद्यापीठ ब्लॉक हैं। इनके साथ ही नगर निगम वाराणसी और नगर पालिका क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालय, उच्च प्राथमिक विद्यालय और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के अल्पसंख्यक छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए वित्तीय वर्ष 1998-99, 1999-2000 और 2000-01 में चार करोड़ 71 लाख 86 हजार 660 रुपया जारी हुआ। हालांकि इस धनराशि का वितरण कैसे हुआ इस संबंध में जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय से नहीं मिल सका। कैंट इंस्पेक्टर एके ओझा ने बताया कि सतर्कता अधिष्ठान के निरीक्षक की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर मामले में कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जांच में यह भी सामने आया कि कई आरोपियों की मौत भी हो चुकी है।
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