आपको भी कोई सोशल मीडिया पर कर रहा परेशान, तो करें बस ये काम, तुरंत मिलेगी निजात
-
- 1
-
Link Copied
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म फेसबुक, वाट्सएप, इंस्टाग्राम जहां हमारी आम जिंदगी में बेहद खास बन गए हैं, वहीं खास बने ये माध्यम हमारी जरा सी असावधानी से कब बड़ी समस्या खड़ी कर देते हैं, पता ही नहीं चलता। ऐसी ही किसी समस्या से घिर जाएं, तो ज्यादा परेशान न हों और समय रहते पुलिस में शिकायत करें।
वाराणसी पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसी ही 17 फेक आईडी को ब्लाक कर दिया है। इन आईडी से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईडी बना कर युवतियों की फोटो पोस्ट कर उन्हें परेशान किया जाता था। ये कार्रवाई एसएसपी के निर्देश पर की गई है। अब फेक आईडी बनाने के लिए इस्तेमाल किए मोबाइल नंबर और आईपी एड्रेस की तस्दीक कर पुलिस आरोपियों की धर-पकड़ करेगी।
साइबर क्राइम टीम के कोआर्डिनेटर विजय श्रीवास्तव ने उक्त जानकारी देते हुए शुक्रवार को बताया कि छात्राओं और युवतियों से अपील है कि यदि उन्हें इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा हो तो फेक आईडी के स्क्रीन शॉट का प्रिंट आउट और प्रोफाइल का यूआरएल लेकर एसएसपी कार्यालय में शिकायत करें। समस्या का समाधान त्वरित गति से करा कर फेक आईडी को तत्काल ब्लाक कराया जाएगा।
16 लोगों के खाते से गायब हुए साढ़े तीन लाख वापस
साइबर क्राइम के शिकार जिले के 16 लोगों के खाते में तीन लाख 72 हजार रुपये साइबर क्राइम सेल टीम ने वापस जमा कराया है। इसके साथ ही उन खातों को बंद कराया गया, जिनमें जालसाजों ने पैसा ट्रांसफर किया था। पुलिस के इस प्रयास पर पीड़ितों ने खुशी जताते हुए आभार जताया।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि एसएसपी ने कहा कि साइबर क्राइम की घटना हो तो पीड़ित 24 घंटे के भीतर पुलिस से संपर्क कर अपने पासबुक की फोटोकॉपी और एटीएम कार्ड पर दर्ज 16 अंक दे दें। कार्रवाई जरूर होगी और पैसा वापस मिलेगा। उन्होंने बताया कि एटीएम कार्ड नंबर, पिन और ओटीपी पूछने के साथ ही अन्य तरीकों से जालसाज आए दिन लोगों के बैंक खाते से पैसा निकालते रहते हैं।
ऐसे लोगों का मुकदमा दर्ज कर विभिन्न शापिंग कंपनियों से साइबर क्राइम सेल ने संपर्क किया। शापिंग कंपनियों से संपर्क कर जालसाजों द्वारा दिए गए आर्डर को निरस्त कराया गया। इसके साथ ही दो सौ से अधिक पेटीएम, फोन पे और बैंक खातों को बंद कराया गया है।