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घुमावदार प्रश्न बने चुनौती: UPTET में चाइल्ड डेवलपमेंट से भी पूछे गए सवाल, बलिया में 12 हजार अभ्यर्थी जुटे

Fri, 03 Jul 2026 07:10 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 03 Jul 2026 07:10 PM IST
सार

Ballia News: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) में अभ्यर्थियों को इस बार घुमावदार प्रश्नों ने उलझाए रखा। चाइल्ड डेवलपमेंट सहित कई विषयों से पूछे गए सवाल चुनौतीपूर्ण रहे। बलिया में परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अभ्यर्थियों को गहन तलाशी के बाद ही प्रवेश मिला। दोनों पालियों में 12 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।

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Tricky questions pose challenge Questions Child Development also featured in UPTET 12000 candidates
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा देकर केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी। - फोटो : संवाद

विस्तार

UPTET: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 15 केंद्रों पर शुक्रवार को दो पालियों में तगड़ी सुरक्षा के बीच हुई। परीक्षा के लिए लगभग 12 हजार 196 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।

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अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्न पत्र काफी घुमावदार थे, जिससे प्रश्नों को हल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हालांकि इसमें माइनस मार्किंग नहीं होने के चलते सभी प्रश्नों को हल कर दिया। परीक्षार्थियों में परीक्षा को लेकर तनाव देखने को नहीं मिला। 
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परीक्षार्थियों का तीन स्तरीय जांच-पड़ताल के बाद ही केंद्र के अंदर जाने की इजाजत मिली। इसके लिए छात्रों की लंबी कतार परीक्षा केंद्रों पर देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा काफी सख्त थी। अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि परीक्षा को लेकर काफी सतर्कता बरती जा रही है। परीक्षार्थियों की सुविधा का ख्याल रखा जा रहा है।

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बोले परीक्षार्थी
प्रश्न काफी घुमावदार थे। वास्तविकता से परे प्रश्न पत्र होने के चलते दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस परीक्षा में माइनस मार्किंग नहीं है, इसलिए सभी प्रश्नों का उत्तर दिया। मऊ से बलिया आकर परीक्षा देना सबसे बड़ी परीक्षा थी। - निशा कुमारी, मऊ

प्रश्न पत्र काफी आसान था। पेपर को हल करने में किसी प्रकार की बाधा नहीं रही। संस्कृत के प्रश्न आसान थे। लेकिन इसमें पेचीदगी कम नहीं थी। प्रश्न पत्र सामान्य स्तर का नहीं था। प्रश्नों को समझकर उत्तर देना पड़ा। - प्रियंका, मऊ

प्रश्न पत्र तो बढ़िया था, लेकिन पैटर्न अलग था। वास्तविक प्रश्न भी अलग तरह के थे। प्रश्न घुमाकर कर पूछे गए थे। सभी प्रश्नों को हल करने में काफी समय जाया हो गया। क्योंकि प्रश्नों को हल करने व रफ कार्य में अधिक समय लग गया। - कंचन, मऊ

पेपर बहुत ही आसान था। मेरी तैयारी अच्छी थी। इसलिए हल करने में आसानी हुई। प्रश्न पत्र में कुल 150 प्रश्न थे। जिसमें चाइल्ड डेवलपमेंट के प्रश्न तो आसान से भी आसान थे। इससे काफी सहारा मिला। - रितू यादव, आजमगढ़।

परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षार्थियों की जांच: जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों की सघन जांच-पड़ताल की गई। जांच की वीडियोग्राफी भी कराई गई। जांच में प्रवेश के साथ आधार तथा अन्य कागजातों की जांच की गई। बिना जांच के बिना किसी को भी परीक्षा कक्ष में प्रवेश नहीं दिलाया गया। इसके लिए परीक्षार्थियों को परीक्षा की निर्धारित अवधि से करीब दो घंटा पहले ही बुलाया गया था। हालांकि जांच-पड़ताल में परीक्षार्थियों का समय बर्बाद नहीं किया गया।

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