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आपातकालीन उपचार का प्रशिक्षण मेडिकल छात्रों के लिए जरूरी : कुलपति
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आईएमएस बीएचयू में एलिक्जर 2026 के पांचवें संस्करण में 2023 बैच के एमबीबीएस विद्यार्थियों को आपातकालीन उपचार का प्रशिक्षण दिया गया। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने मेडिकल छात्रों के लिए इस तरह के उपचार के प्रशिक्षण को जरूरी बताया।
आईएमएस में हुए कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि प्राथमिक उपचार और आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया से जुड़ी बुनियादी जानकारी जरूरी होती है। पेशेवर चिकित्सा सहायता मिलने से पहले कौन-से कदम उठाने चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए, इसकी जानकारी भी सभी के पास होनी चाहिए। यह केवल प्रशिक्षण के माध्यम से सीखे जाने वाला कौशल नहीं, बल्कि हर चिकित्सा विद्यार्थी के लिए जरूरी बुनियादी ज्ञान हैं।
कुलपति ने आईएमएस से आगे बढ़कर अन्य चिकित्सा संस्थानों के प्रतिभागियों को भी प्रशिक्षण से जोड़ने का आह्वान किया। आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने विभिन्न खेल-कूद एवं शिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों के उत्साह और सक्रिय सहभागिता की सराहना की। चिकित्सा संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता ने सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने की जरूरत बताई। कहा कि एलिक्जर के पांचवें संस्करण में क्षेत्र के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों से 110 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें चंदौली, गोरखपुर, गाजीपुर, पटना, फतेहपुर, पीलीभीत और वाराणसी के संस्थानों के विद्यार्थी शामिल थे। कार्यक्रम में बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. पुनीत गुप्ता, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी प्रो. अजीत सिंह मौजूद रहे।
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आईएमएस में हुए कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि प्राथमिक उपचार और आपातकालीन स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया से जुड़ी बुनियादी जानकारी जरूरी होती है। पेशेवर चिकित्सा सहायता मिलने से पहले कौन-से कदम उठाने चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए, इसकी जानकारी भी सभी के पास होनी चाहिए। यह केवल प्रशिक्षण के माध्यम से सीखे जाने वाला कौशल नहीं, बल्कि हर चिकित्सा विद्यार्थी के लिए जरूरी बुनियादी ज्ञान हैं।
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कुलपति ने आईएमएस से आगे बढ़कर अन्य चिकित्सा संस्थानों के प्रतिभागियों को भी प्रशिक्षण से जोड़ने का आह्वान किया। आईएमएस के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने विभिन्न खेल-कूद एवं शिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों के उत्साह और सक्रिय सहभागिता की सराहना की। चिकित्सा संकाय के संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता ने सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू करने की जरूरत बताई। कहा कि एलिक्जर के पांचवें संस्करण में क्षेत्र के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों से 110 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें चंदौली, गोरखपुर, गाजीपुर, पटना, फतेहपुर, पीलीभीत और वाराणसी के संस्थानों के विद्यार्थी शामिल थे। कार्यक्रम में बीएचयू अस्पताल के एमएस प्रो. पुनीत गुप्ता, डॉ. विवेक श्रीवास्तव, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी प्रो. अजीत सिंह मौजूद रहे।
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