{"_id":"5beefe74bdec22722526e186","slug":"train-accident-remain-safe-in-bhadohi-at-uttar-pradesh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"भदोही में चालक की सूझबूझ से बचा बड़ा रेल हादसा, आए दिन सामने आ रही ऐसी स्थिति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भदोही में चालक की सूझबूझ से बचा बड़ा रेल हादसा, आए दिन सामने आ रही ऐसी स्थिति
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 17 Nov 2018 11:13 AM IST
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रेलवे क्रासिंग
- फोटो : demo
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वाराणसी-प्रतापगढ़ रेलमार्ग पर स्थित भदोही के गजिया रेलवे फाटक पर शुक्रवार को फिर बड़ा हादसा होते-होते बच गया। देहरादून जा रही सारनाथ एक्सप्रेस आ गई, लेकिन यातायात के दबाव के कारण गेटमैन बैरियर नहीं गिरा पाया। हालांकि चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए गेट से पहले ही ट्रेन रोक दी। इससे बड़ा हादसा टल गया। 10 नवंबर को भी इसी गेट पर दुर्घटना होते-होते बच गई थी।
शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे वाराणसी से देहरादून जाने वाली अप सारनाथ एक्सप्रेस के आगमन का संकेत मिलने के बाद गेटमैन फाटक बंद कर रहा था, लेकिन वाहनों का दबाव इतना ज्यादा था कि वह काफी प्रयास के बाद भी गेट बंद नहीं कर सका। आलम यह था कि गेट का बूम काफी नीचे आने के बाद भी वाहनों का आवागमन रुका नहीं।
उधर हॉर्न देते हुए ट्रेन आ गई। हालांकि चालक ने खतरे को भांपते हुए गेट से पहले ही ट्रेन रोक दी। उधर ट्रेन के करीब आने के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति हो गई। लोग इधर- उधर भागने लगे। इसके बाद किसी तरह गेट बंद कर ट्रेन भदोही स्टेशन की ओर रवाना हुई।
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स्टेशन मास्टर रविशंकर ने बताया कि गेटमैन को दो बजे गेट बंद करने के लिए कहा गया था। हालांकि सड़क पर यातायात के दबाव के कारण वह गेट बंद नहीं कर सका। बताया कि ट्रेन लगभग दस मिनट तक वहां खड़ी रही।
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शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे वाराणसी से देहरादून जाने वाली अप सारनाथ एक्सप्रेस के आगमन का संकेत मिलने के बाद गेटमैन फाटक बंद कर रहा था, लेकिन वाहनों का दबाव इतना ज्यादा था कि वह काफी प्रयास के बाद भी गेट बंद नहीं कर सका। आलम यह था कि गेट का बूम काफी नीचे आने के बाद भी वाहनों का आवागमन रुका नहीं।
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उधर हॉर्न देते हुए ट्रेन आ गई। हालांकि चालक ने खतरे को भांपते हुए गेट से पहले ही ट्रेन रोक दी। उधर ट्रेन के करीब आने के बाद मौके पर अफरातफरी की स्थिति हो गई। लोग इधर- उधर भागने लगे। इसके बाद किसी तरह गेट बंद कर ट्रेन भदोही स्टेशन की ओर रवाना हुई।
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स्टेशन मास्टर रविशंकर ने बताया कि गेटमैन को दो बजे गेट बंद करने के लिए कहा गया था। हालांकि सड़क पर यातायात के दबाव के कारण वह गेट बंद नहीं कर सका। बताया कि ट्रेन लगभग दस मिनट तक वहां खड़ी रही।
गौरतलब है कि 10 नवंबर को भी इसी तरह हादसा होते- होते बचा था। तब वाराणसी से लखनऊ के बीच चलने वाली अप इंटरसिटी एक्सप्रेस आ गई थी और गेट बंद नहीं हो सका। उस दौरान भी चालक को ट्रेन रोकनी पड़ी थी। गेटमैन का कहना है कि इस प्रकार की समस्या आए दिन सामने आ रही है। यातायात के भारी दबाव के कारण गेट बंद करना मुश्किल हो जाता है। विभागीय स्तर पर इस समस्या के समाधान के लिए कारगर पहल नहीं करने से लोगों में रोष है। कहा जा रहा है कि गेट पर पुलिस की ड्यूटी होनी चाहिए ताकि ट्रेन आगमन की सूचना पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त की जा सके।