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तिब्बती छात्र की हालत गंभीर, आज एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जाएगा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 20 Jul 2017 10:43 AM IST
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अस्पताल में भर्ती तिब्बती छात्र
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर के छात्रावास में बीते शुक्रवार को मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग के हवाले करने वाले पूर्व मध्यमा के छात्र पेंजिम च्वींग (20) को गुरुवार सुबह एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया जाएगा।
महमूरगंज स्थित जीएस मेमोरियल प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल से रेफर करने के बाद सफदरगंज अस्पताल में उसका इलाज कराया जाएगा।
विवि परिसर में घटी इस घटना के बाद उसे हेरिटेज लंका लाया गया था।
यहां बर्न वार्ड में चिकित्सक उसका इलाज कर रहे थे। मंगलवार रात करीब नौ बजे उसे महमूरगंज निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुबोध सिंह की देखरेख में चल रहा है।
डॉ. सुबोध ने बताया कि बुधवार को एयर एंबुलेंस न आने की वजह से छात्र दिल्ली नहीं जा सका। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे एंबुलेंस के आने के बाद विश्वविद्यालय अधिकारी उसे दिल्ली ले जाएंगे।
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मूल रुप से कर्नाटक के चमराग नगर जिले के मैसूर तालुक का रहने वाला तिब्बती मूल का छात्र पेंजिम केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल के कमरा नंबर 216 में रहता था। वह पूर्व मध्यमा (कक्षा 10) की पढ़ाई कर रहा था।
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महमूरगंज स्थित जीएस मेमोरियल प्लास्टिक सर्जरी हॉस्पिटल से रेफर करने के बाद सफदरगंज अस्पताल में उसका इलाज कराया जाएगा।
विवि परिसर में घटी इस घटना के बाद उसे हेरिटेज लंका लाया गया था।
यहां बर्न वार्ड में चिकित्सक उसका इलाज कर रहे थे। मंगलवार रात करीब नौ बजे उसे महमूरगंज निजी अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुबोध सिंह की देखरेख में चल रहा है।
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डॉ. सुबोध ने बताया कि बुधवार को एयर एंबुलेंस न आने की वजह से छात्र दिल्ली नहीं जा सका। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे एंबुलेंस के आने के बाद विश्वविद्यालय अधिकारी उसे दिल्ली ले जाएंगे।
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मूल रुप से कर्नाटक के चमराग नगर जिले के मैसूर तालुक का रहने वाला तिब्बती मूल का छात्र पेंजिम केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल के कमरा नंबर 216 में रहता था। वह पूर्व मध्यमा (कक्षा 10) की पढ़ाई कर रहा था।
तिब्बत में चीनी दमन की कहानी सुनकर भावुक हुआ था छात्र
तिब्बती विश्वविद्यालय का छात्रावास
- फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय परिसर के छात्रावास में बीते शुक्रवार सुबह पूर्व मध्यमा के छात्र पेंजिम च्वींग (20) ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के दौरान परिसर में केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख लोबसंग सिंगो का भाषण चल रहा था।
तिब्बती संस्थान के लोगों का कहना है कि केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख के भाषण से वह प्रभावित था। वह तिब्बत को चीन की गुलामी से मुक्त देखना चाहता था। अस्पताल में मजिस्ट्रेट के बयान में भी उसने घटना का करण तिब्बत की आजादी ही बताया है।
बीते गुरुवार को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख लोबसंग सिंगो सारनाथ पहुंचे थे। देर शाम उनका विश्वविद्यालय परिसर में उनका भाषण हुआ। इसमें तिब्बत के इतिहास और उसकी आजादी के लिए किए जा रहे प्रयासों पर उन्होंने बोला था।
हालांकि पेंजिम का भाषण सुनने गया था या नहीं, स्पष्ट नहीं हो पाया है। लोबसंग सिंगो का शुक्रवार की सुबह भी अतिसा हॉल में भाषण चल रहा था। पेंजिम के कमरे में रहने वाले छह छात्र भाषण सुनने चले गए लेकिन वह नहीं गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसने मिट्टी का तेल डालकर अपने कमरे में आग लगा ली थी।
तिब्बती संस्थान के लोगों का कहना है कि केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख के भाषण से वह प्रभावित था। वह तिब्बत को चीन की गुलामी से मुक्त देखना चाहता था। अस्पताल में मजिस्ट्रेट के बयान में भी उसने घटना का करण तिब्बत की आजादी ही बताया है।
बीते गुरुवार को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख लोबसंग सिंगो सारनाथ पहुंचे थे। देर शाम उनका विश्वविद्यालय परिसर में उनका भाषण हुआ। इसमें तिब्बत के इतिहास और उसकी आजादी के लिए किए जा रहे प्रयासों पर उन्होंने बोला था।
हालांकि पेंजिम का भाषण सुनने गया था या नहीं, स्पष्ट नहीं हो पाया है। लोबसंग सिंगो का शुक्रवार की सुबह भी अतिसा हॉल में भाषण चल रहा था। पेंजिम के कमरे में रहने वाले छह छात्र भाषण सुनने चले गए लेकिन वह नहीं गया। सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसने मिट्टी का तेल डालकर अपने कमरे में आग लगा ली थी।