फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   tibetan student died in delhi who burn self

तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वाले छात्र की दिल्ली में मौत

Sun, 23 Jul 2017 10:41 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Sun, 23 Jul 2017 10:41 AM IST
विज्ञापन
tibetan student died in delhi who burn self
तिब्बती छात्र पेंजिम च्वींग - फोटो : अमर उजाला
सारनाथ स्थित केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय के छात्रावास में तिब्बत की आजादी के लिए 14 जुलाई को आत्मदाह की कोशिश करने वाले छात्र पेंजिम च्वींग (20) की शनिवार को दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन


70 फीसदी से ज्यादा जले पूर्व मध्यमा (कक्षा 10) के छात्र पेंजिम का पहले वाराणसी में इलाज किया गया। बाद में हालत गंभीर होने पर उसे गुरुवार को एयर एंबुलेंस से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था।
विज्ञापन


शनिवार शाम 4.50 बजे उसकी मौत हो गई। खबर मिलते ही विश्वविद्यालय में शोक की लहर दौड़ गई। अतिशा सभागार में कुलपति प्रो. गेसे नवांग समतेन की अध्यक्षता में शोकसभा हुई। मृत छात्र की आत्मा की शांति के लिए सभी ने प्रार्थना की। छात्रों के चेहरे पर दर्द साफ झलक रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्र अपने साथी की मौत की सूचना से दुखी थे। मूल रूप से कर्नाटक के चमराग नगर जिले के मैसूर तालुक का रहने वाला तिब्बती मूल का छात्र पेंजिम विश्वविद्यालय परिसर के हॉस्टल के कमरा नंबर 216 में रहता था।

अस्पताल में मजिस्ट्रेट के बयान में भी उसने घटना का कारण तिब्बत की आजादी ही बताया था। 

किसी भी कीमत पर चाहिए थी तिब्बत की आजादी

tibetan student died in delhi who burn self
अस्पताल में भर्ती तिब्बती छात्र - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय तिब्बती अध्ययन विश्वविद्यालय के छात्र सांगे ने बताया कि पेंजिम मिलनसार स्वभाव का था। वह बेहद जज्बाती भी था। आए दिन चीन से तिब्बत को आजाद कराने के बारे में बातचीत करता रहता था।

अन्य साथियों ने बताया कि छात्र पेंजिम च्वींग ने तिब्बत की आजादी के लिए खुद को बलिदान कर दिया। उसे किसी भी कीमत पर तिब्बत की आजादी चाहिए थी। वह तिब्बत को चीन की गुलामी से मुक्त देखना चाहता था। केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख लोबसंग सिंगो के भाषण से वह बेहद प्रभावित था। 

दरअसल, आत्मदाह की घटना से पूर्व केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के प्रमुख लोबसंग सिंगो ने संस्थान में भाषण दिया था। इसमें तिब्बत के इतिहास और उसकी आजादी के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी थी। घटना वाले दिन भी सुबह नौ बजे के करीब सिंगो का भाषण चल रहा था।

इसी बीच पेंजिम ने मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। वहां मौजूद लोगों के मुताबिक इस दौरान वह तिब्बत की आजादी के नारे लगा रहा था। लोग जब तक आग पर काबू पाते, वह 70 फ ीसदी से ज्यादा जल चुका था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed