मौनी अमावस्या : वाराणसी में घाटों पर मौन होकर सवा चार लाख श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
वाराणसी में मौनी अमावस्या पर पुण्य स्नान के लिए श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा में डुबकी लगाने के लिए घाटों पर बृहस्पतिवार रात से ही जुटने लगे थे। सवा चार लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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सर्वार्थ सिद्धि योग में श्रद्धालुओं ने मौन रखकर उत्तरवाहिनी गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। सुख, सौभाग्य और यश की कामना से मौनी अमावस्या का स्नान शुक्रवार को गंगा के तट पर हुआ। गंगा से लेकर गंगा-गोमती के संगम तक एक जैसा ही नजारा था। सूर्योदय के साथ शुरू हुआ स्नान का सिलसिला शाम तक जारी रहा। मौनी अमावस्या पर सवा चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई।
शुक्रवार को भगवान सूर्य की प्रथम किरण के साथ ही गंगा के तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू कर दिया। बीती देर रात से ही गंगा के किनारे जमे श्रद्धालुओं ने पूरी रात हरि कीर्तन में बिताई और जैसे ही पूरब दिशा में भगवान सूर्य ने अपनी लालिमा बिखेरनी शुरू की, तो मन में हर-हर गंगे..., हर-हर महादेव... के जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने स्नान शुरू किया।
#WATCH | UP: A large number of devotees gathered in Varanasi to offer prayers and take a holy dip, on the occasion of Mauni Amavasya. pic.twitter.com/9iuL4gi2pY
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 9, 2024
सिहरन के बाद भी श्रद्धालुओं ने तीन से पांच डुबकी लगाकर मौनी अमावस्या के स्नान के विधान को पूर्ण किया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं की कतार बाबा के धाम की ओर बढ़ चली। वहीं दूसरी तरफ दिन चढ़ने के साथ ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला भी बढ़ता गया। नौ बजे तक दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, शंकराचार्य घाट, पंचगंगा घाट समेत कई प्रमुख घाटों पर भीड़ का दबाव सबसे अधिक रहा। शहर के मंदिरों में भी मौनी अमावस्या पर दर्शन-पूजन की भीड़ रही।
पौने दो लाख ने किए मार्कंडेय महादेव के दर्शन
मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर मार्कंडेय महादेव मंदिर में पौने दो लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। स्नान के बाद श्रद्धालु सीधे मंदिर का रुख कर रहे थे। उधर देर शाम तक पचास हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने स्वर्वेद महामंदिर का दर्शन किया और विहंगम योग की वैज्ञानिक साधना का अभ्यास किया। श्रद्धालुओं के लिए स्वर्वेद महामंदिर ट्रस्ट की ओर से प्रसाद बांटा गया।