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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Three-hour surgery 80 stitches on Ballia youth face after knocked down pet cow while feeding fodder

बीएचयू: तीन घंटे चली सर्जरी, बलिया के युवक के चेहरे पर लगे 80 टांके; चारा खिलाते समय पालतू गाय ने पटका था

Sun, 27 Sep 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 27 Sep 2026 05:56 AM IST
सार

बीएचयू के नेत्र रोग विभाग में बलिया के युवक की करीब तीन घंटे तक जटिल सर्जरी की गई। हादसे में युवक के चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। चिकित्सकों ने ऑपरेशन के दौरान चेहरे पर करीब 80 टांके लगाए। सर्जरी के बाद चिकित्सकों ने युवक की स्थिति पर निगरानी रखी। परिजनों ने सफल उपचार पर चिकित्सकों का आभार जताया।

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Three-hour surgery 80 stitches on Ballia youth face after knocked down pet cow while feeding fodder
नेत्र रोग विभाग और ओरल मैक्सिलोफेशियल विभाग की टीम ने की सर्जरी। - फोटो : स्वयं

विस्तार

आईएमएस बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में शनिवार को नेत्र रोग विभाग और ओरल मैक्सिलोफेशियल विभाग की टीम ने ऑर्बिटल नेविगेशन सिस्टम से पहली सर्जरी की। चार घंटे तक चली सर्जरी के दौरान 46 साल के बलिया के बेल्थरा निवासी जीत बहादुर के चेहरे पर 80 टांके लगाए गए। साथ ही 10 टाइटेनियम मिनी प्लेट स्क्रू भी लगाए गए। इस तरह की जटिल सर्जरी के बाद अब मरीज स्वस्थ है। फिलहाल वह कुछ दिन डॉक्टरों की निगरानी में रहेगा। 

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क्षेत्रीय नेत्र विज्ञान संस्थान में चेहरे और ऑर्बिट (नेत्रगुहा) के गंभीर चोटों की जटिल सर्जरी होने से अब वाराणसी सहित आसपास के मरीजों को राहत होगी। संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर आरपी मौर्य के अनुसार, जीत बहादुर को चारा खिलाते समय घर के ही पालतू गाय ने उठाकर पटक दिया। 

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नेत्र रोग विभाग और ओरल मैक्सिलोफेशियल विभाग की टीम ने की सर्जरी

इस दुर्घटना में उनकी आंख के आसपास की हड्डियां और बाईं ओर का जबड़ा टूट गया था। आंख अंदर की ओर धंस गई थी और उनका मुंह भी नहीं खुल रहा था। नेत्र रोग विभाग के ऑपरेशन थियेटर में सुबह 11 से 3 बजे तक चली जटिल सर्जरी में आधुनिक इमेज-गाइडेड नेविगेशन सिस्टम की सहायता से 10 टाइटेनियम मिनी प्लेट और 1 टाइटेनियम मेश का प्रयोग किया गया। 80 टांके लगाए गए। 

प्रो. आरपी मौर्य ने बताया कि मरीज की दृष्टि सुरक्षित रहेगी और वह सामान्य रूप से भोजन भी कर सकेगा। कुलपति, आईएमएस निदेशक के सहयोग से विभाग को आधुनिक ऑर्बिटल नेविगेशन मशीन उपलब्ध कराई गई है। बहुविषयक पुनर्निर्माण की जरूरत वाला जटिल मामलामरीज के रेडियोलॉजिकल जांच में ऑर्बिटल फ्लोर का कमिन्यूटेड फ्रैक्चर, पेरिऑर्बिटल फैट का मैक्सिलरी साइनस में हर्नियेशन पाया गया। 

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इसके साथ ही मैंडिबल के सिम्फाइसिस एवं कॉन्डाइलर क्षेत्रों में फ्रैक्चर भी पाया गया। चोट की जटिलता को देखते हुए सर्जरी के दौरान ऑर्बिटल नेविगेशन सिस्टम का उपयोग किया गया। ऑर्बिटल फ्लोर का पुनर्निर्माण टाइटेनियम ऑर्बिटल फ्लोर मेश की सहायता से किया गया। वहीं, मैंडिबुलर फ्रैक्चर के सिम्फाइसिस और कॉन्डाइलर क्षेत्रों को टाइटेनियम मिनीप्लेट्स की सहायता से फिक्स किया गया। चेहरे की हड्डियों का स्थिर और शारीरिक संरचना के अनुरूप पुनर्निर्माण किया जा सका।

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