वाराणसी में दर्दनाक हादसा: कार-टैंकर की टक्कर में दादी और पोते समेत तीन की मौत,चाचा की हालत गंभीर
हादसा वाराणसी में वीरभानपुर में नेशनल हाईवे-2 पर हुआ है। चालक डिवाडर को पार करके हाइवे पार कर रहा था, इसी बीच टैंकर ने कार को टक्कर मार दी।
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वाराणसी में रोहनिया थाना क्षेत्र के वीरभानपुर इलाके में राष्ट्रीय राज्यमार्ग-दो पर बुधवार सुबह ट्रेलर के धक्के से कार सवार प्रयागराज निवासी दादी, पोते सहित तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं हादसे में चाचा शैलेश गंभीर रूप से घायल है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि घटनास्थल पर ही तीन की मौत हो गई।
रोहनिया थाने की पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। प्रयागराज में दादी की ट्रेन छूटने पर वाराणसी स्थित कैंट स्टेशन से ट्रेन पकड़ाने के लिए सभी ऑल्टो कार से आ रहे थे। घायल को बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया।
प्रयागराज के सराय इनायत थाना अंतर्गत अंदावा निवासी अखिलेश पटेल सहारा फाइनेंस में नौकरी करते हैं। भोर में अखिलेश पटेल की मां लीलावती देवी 65 वर्ष और बड़ा बेटा आशुतोष कुमार पटेल 22 वर्ष को पैतृक निवास स्थान बिहार के सीवान जाने के लिए प्रयागराज से ट्रेन पकड़नी थी लेकिन, देर से पहुंचने के कारण दादी और पोते की ट्रेन छूट गई।
इस बीच आशुतोष ने वाराणसी स्थित कैंट स्टेशन से ट्रेन पकड़ने की बात कहते हुए पड़ोस में रहने वाले अजीत सिंह 32 वर्ष से वाराणसी छोड़ने का आग्रह किया तो दादी, पोते और अजीत अपनी आल्टो कार से वाराणसी के लिए भोर में चार बजे प्रयागराज से निकल पड़े। इस दौरान कार में लीलावती का छोटा बेटा शैलेश पटेल 32 वर्ष भी सवार हो गया। कार को शैलेश चला रहा था।
आगे सीट पर अजीत और पिछले सीट पर लीलावती और उनका बड़ा पोता आशुतोष बैठा था। राजातालाब पहुंचने पर कार चला रहे शैलेश को लगा की रास्ता भटक गया है। इसी बीच वीरभानपुर के पास अचानक डिवाइडर को पार कर दाएं लेन की ओर बढ़ा। तभी तेज गति से आए ट्रेलर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार हवा में जाकर दूसरी ओर गिर गई।
घटनास्थल पर ही दादी, पोते, पड़ोसी की कार के अंदर ही मौत हो गई तो वहीं शैलेश गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल शैलेश को बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। अजीत की जेब से मिले मोबाइल के जरिए पुलिस ने बड़े भाई कमल सिंह को हादसे की सूचना दी। हादसे की जानकारी मिलते ही अखिलेश पटेल सहित कमल सिंह अन्य परिजन भी आननफानन में बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर पहुंचे।
खेती का हिसाब करने दादी के साथ गांव जा रहे थे चाचा-भतीजा
मूलरूप से सीवान बिहार की रहने वाली हादसे में मृत लीलावती के पति केंद्रीय कर्मचारी थे। 1980 में प्रयागराज में नौकरी के दौरान घर बनवाकर यही बस गए थे। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बेटे अखिलेश ने बताया कि 10 साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद पिता की मौत हो गई। तीन बेटों में अखिलेश, शैलेश, दिनेश हैं। लीलावती अपने घर सीवान बिहार खेती का हिसाब करने बड़े बेटे और छोटे भाई शैलेश के साथ जाने के लिए ट्रेन पकड़ने कैंट के लिए निकली थीं।
जाने से रोका था भाई को, नहीं माना बात
अंदावा के रहने वाले स्व. रामानुज सिंह के तीन बेटों में अजीत सबसे छोटा था। उसकी रत्ना सिंह और दो बच्चे अथर्व 6 साल व अर्नव 3 साल के हैं। अजीत भाइयों के साथ मिलकर खेती करता था। बीएचयू स्थित मोर्चरी हाउस पहुंचे अजीत के बड़े भाई कमल और दिवाकर बेसुध रहे। बार-बार यही कह रहे थे कि सुबह निकलने के लिए मना किया था, काश बात मान गया होता तो आज यह दिन नहीं देखने पड़ते।