Cyber Crime: बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच में दो करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा, तीन गिरफ्तार
Varanasi News: दो करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी कमीशन पर लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उनकी पासबुक, एटीएम और ओटीपी हासिल करते थे तथा उन्हीं खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेन-देन करते थे।
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वाराणसी में दो करोड़ से अधिक की ठगी में बैंक खातों का संचालन करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का साइबर सेल व रामनगर पुलिस ने पर्दाफाश किया। पुलिस ने रोहित मौर्या (20), महाराष्ट्र के पालघर निवासी धीरेंद्र लाल बहादुर पाल (24) और बिहार के शेखपुरा निवासी सोनू कुमार उर्फ भोली (30) को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि गिरोह दो करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों का संचालन कर रहा था।
आरोपी कमीशन पर बैंक खाते खुलवाते थे। उनके पास से चार मोबाइल फोन, एक एटीएम कार्ड और 24,880 रुपये मिले। थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि 13 जुलाई को एक संदिग्ध बैंक खाते से साइबर ठगी की रकम निकालने की सूचना मिली थी।
जांच के दौरान साइबर शिकायत ट्रेसेबिलिटी रिपोर्ट, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। साक्ष्य मिलने पर उपनिरीक्षक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर 19 जुलाई की रात लंका मैदान से तीनों को गिरफ्तार किया।
आरोपियों ने बताया कि खाताधारकों से पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और ओटीपी हासिल कर लेते थे। साइबर ठगी से मिली रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी और फिर एटीएम व यूपीआई से निकालकर दूसरे खातों में भेज दी जाती थी।
गिरोह अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों का इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके। रोहित के पास से एक मोबाइल और 110 रुपये, धीरेंद्र के पास से एक मोबाइल और 320 रुपये और सोनू के कब्जे से दो मोबाइल फोन, बैंक ऑफ महाराष्ट्र का एक एटीएम कार्ड और 24,450 रुपये मिले।