मिर्जापुर में एक साथ गायब तीनों चचेरे भाइयों के शव मिले, गले पर चोट के निशान देख परिजन बोले- हुई है हत्या
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उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में लापता तीनों चचेरे भाइयों के शव बंधी में उतराते हुए मिलने से हड़कंप मच गया। तीनों भाई मंगलवार शाम को बेर खान के लिए जंगल की तरफ गए थे, तभी से वह वापस नहीं लौटे थे।
परिजन उनकी तलाश में जुटे थे। देर शाम तक काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्चे नहीं मिले तो उन्होंने फिर से दूसरे दिन तलाश शुरू की। आज उन्होंने पुलिस को भी इसकी सूचना। सूचना के बाद पुलिस और परिजनों ने बच्चों की तलाश शुरू कर दी थी।
मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गांव निवासी कक्षा आठ के छात्र शशांक तिवारी(15) पुत्र राकेश तिवारी, सुधांशु(15) पुत्र राजेश तिवारी, हरिओम(15) पुत्र मुन्ना तिवारी मंगलवार की दोपहर एक साथ धसड़ा के जंगल में बेर खाने गए थे, लेकिन देर शाम तक घर वापस नहीं आए।
उनके घर वापस न आने पर परिजनों को चिंता हुई और वे जंगल में ढूंढने निकले। देर रात पता न चलने पर परिजन घर लौट आए। सुबह होने पर परिजनों ने खोजबीन करने के साथ ही पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने थानाध्यक्ष हरिश्चंद्र सरोज, चौकी इंचार्ज लहंगपुर के साथ धसड़ा जंगल जाकर बच्चों की खोजबीन की।
दोपहर बाद तीनों के कपड़े लेहड़िया जंगल की बंधी के भीटे पर मिला। परिजनों ने पुलिस की मदद से बंधी में खोजबीन की तो तीनों का शव बरामद हुआ। बच्चों के गले में चोट का निशान देखकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।