Varanasi: ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की लोकेशन की होगी ऑनलाइन ट्रैकिंग, बनेगा GPS बेस्ड मोबाइल एप
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने टीआई, टीएसआई के लोकेशन को ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए जीपीएस बेस्ड मोबाइल एप विकसित कर एक्टिवेट किए जाने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक को निर्देशित किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वाराणसी शहर में ट्रैफिक व्यवस्था की बेहतरी को लेकर पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने कैंप कार्यालय में गुरुवार को ट्रैफिक निरीक्षकों के संग बैठक की। इस दौरान त्योहार को लेकर बाजारों में उमड़ रही भीड़, बाहरी वाहनों के दबाव और चौराहों पर यातायात नियंत्रण पर विस्तृत चर्चा की।
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने टीआई, टीएसआई के लोकेशन को ऑनलाइन ट्रैकिंग के लिए जीपीएस बेस्ड मोबाइल एप विकसित कर एक्टिवेट किए जाने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक को निर्देशित किया। ताकि टीआई और टीएसआई की लोकेशन आसानी से मिलती रहे। वह ड्यूटी प्वाइंट पर मुस्तैदी के साथ ड्यूटी कर रहे हैं या नहीं।
ट्रैफिक पुलिस के प्रत्येक कर्मी एक्टिव ड्यूटी पर लगें
पुलिस आयुक्त ने एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी को निर्देशित किया कि ट्रैफिक पुलिस के प्रत्येक कर्मी एक्टिव ड्यूटी पर लगें। किसी कर्मी को ट्रैफिक के अलावा अन्य ड्यूटी पर नहीं लगाया जाए। सभी यातायात कर्मियों की ड्यूटी रोस्टर के तहत लगाई जाए। किसी भी कर्मी को एक सप्ताह से ज्यादा एक प्वाइंट पर न लगाया जाए।
पिक आवर के दौरान यातायात कर्मी महत्वपूर्ण प्वाइंट पर खुद उपस्थित रहते हुए यातायात का संचालन सुनिश्चित करें। मातहतों को निर्देशित किया कि वीवीआईपी और अन्य डयूटी के लिए यातायात संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करते हुए रिजर्व में फोर्स तैयार रखी जाए और आवश्यकतानुसार ड्यूटियों में व्यवस्थापित किया जाए।
जिनके यहां पार्किंग नहीं, उन्हें जारी करें नोटिस
पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि शहर में खराब सिग्नल लाइट को संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए ठीक कराए। ट्रैक्टर व ट्रॉली एवं अन्य वाहनों के विरूद्ध अभियान चलाया जाए। ऐसे होटल, अस्पताल, मैरिज लॉन आदि जिनके यहां पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है और वाहन सड़कों पर खड़े किए जाते हैं, उन्हें नोटिस जारी करते हुए कार्यवाही करें।
नगर निगम के ट्रक ऑपरेटरों और एटीएम लोडर्स चालकों की मीटिंग कर उन्हें पीक ऑवर में वाहनों का संचालन करने से बचने के लिए निर्देशित किया गया।