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अब अवैध निर्माण ध्वस्त करने की बन रही रणनीति
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 15 May 2016 01:36 AM IST
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वरुणा के डूब क्षेत्र में अवैध कब्जे को ध्वस्त करने की रणनीति अब नए सिरे से तैयार की जा रही है। विकास प्राधिकरण में पुराने रिकार्ड खंगाले जा रहे हैं। सिंचाई, वीडीए, राजस्व और नगर निगम के पुराने रिकार्ड का मिलान करने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी। मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल के सख्त तेवर और डूब क्षेत्र में हुए निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जेल भेजने के निर्देश से संबंधित विभागों में खलबली मच गई है। वहीं, तटवासी भी सहम गए हैं। होटल और बिल्डिंग बनाने वालों की धड़कनें तेज हो गई हैं। इस बीच, कार्रवाई की जानकारी लेने कुछ लोग वीडीए भी पहुंचे लेकिन द्वितीय शनिवार का अवकाश होने के चलते उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
तटवासी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं और इसे लेकर उनके बीच जबरदस्त चर्चा है। करोड़ों रुपये लगाकर नक्काशीदार इमारत बनाने वालों को अब टूटने का डर सता रहा है। इसके लिए कुछ विधि विशेषज्ञों से सलाह लेने में भी जुटे हैं। तटवासियों की मानें तो उन्होंने नक्शा पास कराके ही निर्माण कराया था। अब यदि कार्रवाई हुई तो उसके दायरे में नक्शा पास करने वाले अधिकारियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। प्रदेश के आला अधिकारियों के दौरे के बाद लिए गए निर्णय से वीडीए में हड़कंप मचा हुआ है। डूब क्षेत्र के निर्माणों को हटाने के लिए कार्रवाई की रणनीति पर मंथन तेज हो गया है।
वहीं, प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सीएम के ड्रीएम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर का पूरा बजट सिंचाई विभाग को जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल और समन्वय से इस काम को जितना जल्दी हो सके पूरा कराएं। काम में गुणवत्ता और समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाए। शनिवार को नदेसर स्थित एक होटल में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के कार्यान्वयन में आ रही दिक्कतों को हल कराने का भरोसा दिलाया।
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बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की दिक्कत आए तो तत्काल बताएं। मुख्यमंत्री का पूरा फोकस वरुणा पर है। इस काम में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके पूर्व मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव सिंचाई ने संकटमोचन मंदिर में दर्शन पूजन किया। मुख्य सचिव के परिवार के अन्य सदस्यों ने सुबह अस्सी घाट पर सुबह ए बनारस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बैठक के बाद करीब डेढ़ बजे मुख्य सचिव बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ रवाना हो गए। बैठक में यूपीपीसीएल के एमडी संदीप अग्रवाल, इलाहाबाद के मुख्य अभियंता भूपेंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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तटवासी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बारे में जानना चाहते हैं और इसे लेकर उनके बीच जबरदस्त चर्चा है। करोड़ों रुपये लगाकर नक्काशीदार इमारत बनाने वालों को अब टूटने का डर सता रहा है। इसके लिए कुछ विधि विशेषज्ञों से सलाह लेने में भी जुटे हैं। तटवासियों की मानें तो उन्होंने नक्शा पास कराके ही निर्माण कराया था। अब यदि कार्रवाई हुई तो उसके दायरे में नक्शा पास करने वाले अधिकारियों को भी शामिल किया जाना चाहिए। प्रदेश के आला अधिकारियों के दौरे के बाद लिए गए निर्णय से वीडीए में हड़कंप मचा हुआ है। डूब क्षेत्र के निर्माणों को हटाने के लिए कार्रवाई की रणनीति पर मंथन तेज हो गया है।
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वहीं, प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि सीएम के ड्रीएम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर का पूरा बजट सिंचाई विभाग को जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। सभी संबंधित विभाग आपसी तालमेल और समन्वय से इस काम को जितना जल्दी हो सके पूरा कराएं। काम में गुणवत्ता और समयबद्धता का पूरा ध्यान रखा जाए। शनिवार को नदेसर स्थित एक होटल में अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के कार्यान्वयन में आ रही दिक्कतों को हल कराने का भरोसा दिलाया।
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बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि किसी भी प्रकार की दिक्कत आए तो तत्काल बताएं। मुख्यमंत्री का पूरा फोकस वरुणा पर है। इस काम में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके पूर्व मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव सिंचाई ने संकटमोचन मंदिर में दर्शन पूजन किया। मुख्य सचिव के परिवार के अन्य सदस्यों ने सुबह अस्सी घाट पर सुबह ए बनारस के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। बैठक के बाद करीब डेढ़ बजे मुख्य सचिव बाबतपुर एयरपोर्ट से लखनऊ रवाना हो गए। बैठक में यूपीपीसीएल के एमडी संदीप अग्रवाल, इलाहाबाद के मुख्य अभियंता भूपेंद्र शर्मा, मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।