वाराणसी। वसंत कन्या महाविद्यालय में बुधवार को ओडिशा के पारंपरिक गोटिपुआ नृत्य प्रस्तुति हुई। स्पिक मैके के वाराणसी चैप्टर की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी भावपूर्ण मुद्राओं, लयबद्ध गतियों और अद्भुत शारीरिक संतुलन से मन मोह लिया। दशभुजा गोटिपुआ ओडिसी नृत्य परिषद के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। दल का नेतृत्व गुरु बटकृष्ण दास ने किया। इस दौरान गोटिपुआ नृत्य के प्रतिष्ठित गुरु और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत गुरु मगुनी दास की कलात्मक विरासत को भी याद किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. आशा यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय कला और संस्कृति से जोड़ते हैं। प्रबंधक उमा भट्टाचार्य ने भी भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में ऐसे कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण बताया। स्पिक मैके के वाराणसी चैप्टर की डॉ. शुभा सक्सेना ने छात्राओं को गोटिपुआ नृत्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी दी। नृत्य के साथ संगीत की संगति ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाया। बटकृष्ण दास ने मर्दल वादन किया। भगवान बेहरा ने गायन, कबिराज प्रधान ने बांसुरी और नीलकंठ नायक ने मंजीरा वादन किया। संगीत और नृत्य के तालमेल ने कार्यक्रम में रंग भर दिया। प्रस्तुति में सौम्यरंजन दास, अभिमन्यु नायक, लाबा मरांडी, गणेश मलिक और कुश्ना जेना ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूनम वर्मा ने किया। महाविद्यालय की ओर से समन्वयक प्रो. सीमा वर्मा रहीं। डॉ. शुभा सक्सेना ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में करीब 150 छात्राएं और शिक्षक मौजूद रहे। संवाद