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जून तक चालू हो जाएगा करसड़ा प्लांट
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 15 May 2016 01:29 AM IST
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शहर के कूड़ा निस्तारण की समस्या के समाधान की नई आस जगी है। बहुप्रतीक्षित करसड़ा प्लांट को हर हाल में जून तक चालू करने की तैयारी है। कारपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) के तहत नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) इसकी जिम्मेदारी संभाल ली है। शनिवार को प्लांट का निरीक्षण करते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने एनटीपीसी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्लांट को 20 से 25 जून के बीच शुरू करा दिया जाए। प्लांट पर खराब पड़े वाहनों को दुरुस्त कराने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये मुहैया कराए जाने की जानकारी भी संयुक्त सचिव ने दी।
निरीक्षण के दौरान मौजूद एनटीपीसी के एजीएम राहुल श्रीवास्तव से संयुक्त सचिव ने कहा कि सिर्फ मशीनों को चालू कराना ही नहीं, बल्कि यहां की पूरी व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी। कूड़ा प्रोसेसिंग से लेकर उससे निकलने वाले अवशेष के निस्तारण का समुचित प्रबंध हो। गड्ढा खोदकर उसमें अवशेष डंप किया जाए। एजीएम ने गड्ढे खोदवाने में असमर्थता जताई। इस पर संयुक्त सचिव ने नई दिल्ली फोन कर उपसचिव सुमित गाखर को एक पत्र एनटीपीसी के सीएमडी को भेजने का निर्देश दिया ताकि प्लांट का पूरा काम हो, कहीं आधा-अधूरा जैसी स्थिति न होने पाए। पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नगर निगम वाराणसी को भी भेजने का निर्देश दिया।
सुबह करीब दस बजे करसड़ा प्लांट पहुंचे संयुक्त सचिव ने प्लांट का निरीक्षण कर नगर निगम के अधिकारियों को भी सहयोग के लिए हिदायत दी। कहा कि काम में पूरी तत्परता से सहयोग करें, जो दिक्कतें हाेंगी उसे दूर किया जाएगा। संयुक्त सचिव ने बताया कि एनटीपीसी ने मशीनों की जांच और उन्हें चालू कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। प्लांट चालू होने के बाद उसके संचालन की जिम्मेदारी स्थायी तौर पर किसी एजेंसी को दी जाएगी। एजेंसी का चयन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी। जून के अंतिम सप्ताह तक प्लांट के चालू होने के बाद जुलाई से यहां कूड़ा निस्तारण शुरू करा दिया जाएगा। अगले छह से नौ महीने के अंदर प्लांट पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। इस दौरान नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी, तहसीलदार अविनाश कुमार, सीएंडडीएस के इंजीनियर एके सिंह आदि उपस्थित थे।
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निरीक्षण के दौरान मौजूद एनटीपीसी के एजीएम राहुल श्रीवास्तव से संयुक्त सचिव ने कहा कि सिर्फ मशीनों को चालू कराना ही नहीं, बल्कि यहां की पूरी व्यवस्था दुरुस्त करनी होगी। कूड़ा प्रोसेसिंग से लेकर उससे निकलने वाले अवशेष के निस्तारण का समुचित प्रबंध हो। गड्ढा खोदकर उसमें अवशेष डंप किया जाए। एजीएम ने गड्ढे खोदवाने में असमर्थता जताई। इस पर संयुक्त सचिव ने नई दिल्ली फोन कर उपसचिव सुमित गाखर को एक पत्र एनटीपीसी के सीएमडी को भेजने का निर्देश दिया ताकि प्लांट का पूरा काम हो, कहीं आधा-अधूरा जैसी स्थिति न होने पाए। पत्र की प्रतिलिपि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और नगर निगम वाराणसी को भी भेजने का निर्देश दिया।
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सुबह करीब दस बजे करसड़ा प्लांट पहुंचे संयुक्त सचिव ने प्लांट का निरीक्षण कर नगर निगम के अधिकारियों को भी सहयोग के लिए हिदायत दी। कहा कि काम में पूरी तत्परता से सहयोग करें, जो दिक्कतें हाेंगी उसे दूर किया जाएगा। संयुक्त सचिव ने बताया कि एनटीपीसी ने मशीनों की जांच और उन्हें चालू कराने का प्रयास शुरू कर दिया है। प्लांट चालू होने के बाद उसके संचालन की जिम्मेदारी स्थायी तौर पर किसी एजेंसी को दी जाएगी। एजेंसी का चयन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर करेंगी। जून के अंतिम सप्ताह तक प्लांट के चालू होने के बाद जुलाई से यहां कूड़ा निस्तारण शुरू करा दिया जाएगा। अगले छह से नौ महीने के अंदर प्लांट पूरी क्षमता से काम करने लगेगा। इस दौरान नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी, तहसीलदार अविनाश कुमार, सीएंडडीएस के इंजीनियर एके सिंह आदि उपस्थित थे।
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