हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन बुधवार को सुदामा चरित्र के वर्णन ने पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु को भाव-विभोर कर दिया। कथाव्यास कृष्ण शरण महाराज ने कहा कि सच्ची मित्रता सांसारिक ऊंच-नीच, दरिद्रता या राजसी ठाठ-बाट की मोहताज नहीं होती। सुदामा की निस्वार्थ भक्ति और श्रीकृष्ण का अपने मित्र के प्रति अगाध प्रेम आज के समाज के लिए एक महान आदर्श है। कथा के समापन सत्र के बाद भंडारा हुआ। भोलानाथ उपाध्याय, प्रदीप सोनी, अजय गुप्ता, कुमुद उपाध्याय और अनिल जायसवाल समेत पूरी टीम मौजूद रही। इस अवसर पर संजय बरनवाल, मनोज चौरसिया, विशाल सेठ, शारदा चतुर्वेदी, गुड़िया गुप्ता और महादेव सिंह आदि मौजूद रहे।