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The horrors of Partition... The Partition of India was a tragedy born of religion; its wounds will never heal.
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Varanasi News: विभाजन की विभिषिका... भारत का विभाजन मजहब जनित त्रासदी थी, इसके घाव कभी भर नहीं पाएंगे
वाराणसी के सर्किट हाउस में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश स
- फोटो : Archive
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वाराणसी। काशी विद्यापीठ के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि भारत का विभाजन मजहब जनित त्रासदी थी, इसके घाव कभी भर नहीं पाएंगे। 20 लाख लोगों की हत्या हुई और एक करोड़ 80 लाख लोगों को घर से बेदखल कर दिया गया। अपनी ही जमीन से बेदखल होने का असीमित दर्द आज भले ही इतिहास बन गया हो, लेकिन आज तक भारत के लोग इसका खामियाजा भुगत रहे हैं।
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जब 711 ई. में अरबों ने पहली बार भारत के सिंध प्रांत पर हमला किया होगा, तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि एक दिन अरबी सोच मजहब के नाम पर इतनी हावी होगी कि देश ही बंट जाएगा। वह विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर विशाल भारत संस्थान की ओर से शुक्रवार को सुभाष भवन सभागार में ‘भारत विभाजन का काला अध्याय’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्य अतिथि जम्मू यूनिवर्सिटी के पूर्व संकायाध्यक्ष एवं इतिहासकार प्रो. जिगर मोहम्मद ने सुभाष मंदिर में पुष्प अर्पित किए और दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी का शुभारंभ किया।
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