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पूर्वजों की कब्रगाह हुई चिरागों से रोशन, इबादत में बीती रात

Sun, 20 Mar 2022 12:51 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 12:51 AM IST
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The graves of ancestors were illuminated with lamps, last night in worship
शब ए बरात की अजीम रात मुस्लिम समुदाय ने परवरदिगार की इबादत में गुजारी। सारी रात मोमिनीन ने खास नमाज अदा की और शब ए बरात पर अपने पूर्वजों की कब्रगाह पर चिरागा भी किया। घरों में रोशनी हुई और शिरनी की फातेहा पढ़ी गई। इस अवसर पर घरों में पाक और पाकीजगी से हलवा-जर्दा बनाकर अपने पूर्वजों के लिए फातिहा की।
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शुक्रवार को शब ए बरात पर देश और दुनिया के साथ शहर बनारस में भी सारी रात अकीदत के साथ इबादत हुई। लोगों ने कब्रिस्तान, दरगाहों, मजारों पर समा रोशन की। कब्रों पर फूल चढ़ाए और अपनों के लिए फातिहा पढ़ी। देश और दुनिया के सलामती के लिए दुआख्वानी की गई। मस्जिदों और दरगाहों की सजावट की गई। शाम की नमाज के बाद लोग घरों से निकले और अपने अपने पूर्वजों के लिए कब्रिस्तान पहुंचे और उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की।
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शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि कई जगह महफिलों का आयोजन हुआ। दरगाह ए फातमान, सदर इमामबाड़ा, नई सड़क, पीलीकोठी, शिवाला और रामनगर आदि क्षेत्रों में सर्वाधिक भीड़ देखने को मिली और सुबह के नमाज तक चहल-पहल बनी रही। शिया हजरात ने नदी, तालाब व कुंडों में अपना-अपना अरीजा डाला और मुल्क की शांति के लिए दुआख्वानी की।
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इमाम की विलादत की पूर्व संध्या पर हुई महफिलें
12 वें इमाम मोहम्मद मेंहदी की विलादत की पूर्व संध्या पर दोषीपुरा, अर्दली बाजार में माजिद मीर नदी अली में, चौहट्टा लाल खान बजरडीहा में महफिलों का आयोजन हुआ। उलेमा ने तकरीर की और शायरों ने कलाम पेश किए। जलसों के दौरान इबादत का तरीका बताया गया और रब से लोगों ने अपने गुनाहों की माफी मांगी।
सुबह से शाम तक बनाए हलवा व शिरनी
सुबह से शाम तक घरों में ख्वातीन ने हलवा व शिरनी बनाई और शाम को इबादत में मशगूल हो गईं। लोगों ने घरों में ही शब ए बरात पर समा जलाई थी। फातिहा पढ़कर उनकी मगफिरत की दुआएं मांगी गई थीं और उन पर सवाब पहुंचाया। मुफ्ती ए शहर अब्दुल बातिन नोमानी ने बताया कि शब ए बरात से रुहानी साल शुरू होता है। इस रात रब फरिश्तों को जिम्मेदारियां सौंपता है। लोगों के नामे आमाल लिखे जाते हैं। किसे क्या मिलेगा, किसकी जिंदगी खत्म होगी, किसके लिए साल कैसा होगा, पूरे साल किसकी जिंदगी में क्या उतार-चढ़ाव आएगा।

उमड़े अकीदतमंद
शहर के प्रमुख कब्रिस्तान टकटकपुर, हुकुलगंज, भवनिया कब्रिस्तान गौरीगंज, बहादुर शहीद कब्रिस्तान रविन्द्रपुरी, बजरडीहा का सोनबरसा कब्रिस्तान, जक्खा कब्रिस्तान, सोनपटिया कब्रिस्तान, बेनियाबाग स्थित रहीमशाह, दरगाहे फातमान, चौकाघाट, रेवड़ीतालाब, सरैयां, जलालीपुरा, राजघाट समेत बड़ी बाजार, पीलीकोठी, पठानीटोला, पिपलानी कटरा, बादशाहबाग, फुलवरिया, लोहता, बड़ागांव, रामनगर आदि इलाकों के कब्रिस्तान और दरगाहों में लोगों ने समा रोशन की।
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