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पीएम ने दी 2100 करोड़ की सौगात

Fri, 23 Dec 2016 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Fri, 23 Dec 2016 02:14 AM IST
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The gift of 2100 crores PM
वाराणसी को मोदी का तोहफा - फोटो : self
बीएचयू में महामना पं. मदन मोहन मालवीय कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (580 करोड़) और शताब्दी सुपर स्पेशियलिटी सेंटर (200 करोड़) की आधारशिला रखी, जबकि डीरेका से 150 बेड के ईएसआई के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (150 करोड़) और बीआरएस हेल्थ एवं रिसर्च सेंटर (399) का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने यहीं से लालपुर स्थित वस्त्र मंत्रालय के ट्रेड फैसेलिटी सेंटर में व्यापार सुविधा केंद्र और शिल्प संग्रहालय (280 करोड़) के प्रथम चरण का उद्घाटन भी किया। इस बीच उन्होंने कबीर नगर कॉलोनी में आईपीडीएस के तहत भूमिगत तारों से बिजली आपूर्ति और हृदय के तहत हेरिटेज पोल (571 करोड़) का जायजा भी लिया।
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 प्रधानमंत्री ने कहा कि बीएचयू में बनने वाले इन दोनों चिकित्सकीय संस्थानों से उत्तर प्रदेश समेत बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत और पड़ोसी देश नेपाल के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सकीय सेवाएं मिलेंगी।  प्रधानमंत्री ने कहा कैंसर की बात होती है तो लोग टाटा रिसर्च इंस्टीट्यूट का रुख करते हैं। उत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश यहां तक कि बिहार के गांव में रहने वाली गरीब जनता की परेशानी को देखते हुए ही हमने टाटा रिसर्च इंस्टीट्यूट की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस कैंसर रिसर्च सेंटर को शुरू करने का फैसला लिया। यहां कैंसर का इलाज भी होगा, रिसर्च भी होंगे। कहा, मैं काशी हिंदू विश्वविद्यालय का आभारी हूं क्योंकि उन्होंने इसके लिए दस एकड़ भूमि दी।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि हम जनता को उत्कृष्ट चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश में जुटे हैं। मेडिकल के क्षेत्र में टेक्नालॉजी का काम बढ़ रहा है। अब डॉक्टर तकनीकी का इस्तेमाल कर इस क्षेत्र में परफेक्शन ला रहे हैं। लोगों को व्यवस्थित इलाज मिल रहा है। कहा कि भारत के डॉक्टरों ने पूरी दुनिया में एक अलग मकाम हासिल किया है। कहा कि हेल्थ इंश्योरेंस लेकर जेनेरिक मेडिसिन पर काम हो रहा है। सस्ती और सही दवाएं उपलब्ध हों, ये भी सुनिश्चित किया जा रहा है। इस मौके पर उनके साथ संस्कृति मंत्री डॉ. महेश शर्मा, मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, ब्रह्म शंकर त्रिपाठी और कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी मौजूद रहे।
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पीएम मोदी ने गुरुवार को यहां शिल्पियों, बुनकरों को नई ‘पहचान’ दी और उनकी आसाओं, आकांक्षाओं को नई उड़ान। डीरेका मैदान में ट्रेड फैसिलिटी सेंटर के प्रथम चरण का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने बुनकरों, शिल्पियों के लिए कई रियायतों की शुरुआत की। पांच शिल्पियों को ‘शिल्पी पहचान पत्र’ देकर इस योजना का शुभारंभ किया। वहीं, दस बुनकरों को लौह निर्मित ‘फ्रेम रूम’ और हथकरघा पार्ट्स के पत्र सौंपे। कहा कि ट्रेड फैसिलिटी सेंटर बनारस ही नही पूरे पूर्वांचल के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।



अभी तक बुनकर लकड़ी के फ्रेम वाले ‘पिट लूम’ पर साड़ियां और नॉटेड कॉलीन की बुनाई करते हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कार्पेट टेक्नालॉजी की ओर से विकसित लोहे के फ्रेम वाले पिट लूम से गुणवत्ता बेहतर होने के साथ ही बुनकरों को काम भी बेहद आसानी होगी। पीएम ने प्रथम चरण में आठ हजार कॉलीन बुनकरों को केवल 10 प्रतिशत खर्च पर इसे देने की घोषणा की। 90 प्रतिशत खर्च वस्त्र मंत्रालय वहन करेगा। ढाई साल से बंद हथकरघों को फिर से चालू कराने के लिए उनसे जुड़े पार्ट्स मूल्य के महज दस फीसदी दर पर उपलब्ध कराए जाएंगे। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि अत्याधुनिक लूम से उत्पाद की गुणवत्ता बढ़ेगी तो वहीं बुनकरों का पलायन भी रुकेगा। हथकरघा पाने वालों में गीता देवी, निसार, आशा, अखिलेश और शिवानंद शामिल रहे। वहीं, गोविंद नारायण, आनंद कुमार, अमृता पटेल और इरफान अंसारी को पीएम ने स्पोर्ट्स किट दिए।
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