UP: एक साल के लिए 16 भुन्नासी तालों में बंद हुए स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा के कपाट, 11 लाख भक्तों को मिला खजाना
मां अन्नपूर्णा के मंदिर में पांच दिनों में 11 लाख से ज्यादा भक्तों का खजाना दिया गया। दूसरे राज्यों और जिलों से आए भक्तों ने कतारबद्ध होकर मां के दर्शन किए। मां अन्नपूर्णा के अन्नकूट महोत्सव के बाद माता का प्रसाद तिरुपति बालाजी जाएगा।
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पांच दिनों तक भक्तों पर दोनों हाथों से अन्न-धन का खजाना लुटाने के बाद मां अन्नपूर्णा के मंदिर के कपाट वर्ष भर के लिए बंद हो गए। देश भर से आए श्रद्धालुओं ने 95 घंटे तक मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन किए। महंत शंकर पुरी ने मध्यरात्रि में मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप की महाआरती की। इसके बाद माता का स्वर्णमयी विग्रह 16 भुन्नासी तालों के अंदर अगले वर्ष धनतेरस तक के लिए बंद कर दिया गया।
मध्यरात्रि में 12 बजे महंत शंकर पुरी ने मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप की आरती उतारी। उन्होंने मां भगवती से भक्तों की मनोकामना की पूर्ति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद मंदिर के कपाट वर्ष भर के लिए बंद कर दिए।
भक्तों ने लगाए जयकारे
18 अक्तूबर से 22 अक्तूबर के बीच पांच दिनों में 95 घंटे तक 11 लाख 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन किए। अन्नकूट महोत्सव के दौरान 511 क्विंटल के 56 भोग से माता का दरबार सजाया गया था और भक्तों ने प्रसाद भी ग्रहण किया।
18 अक्तूबर को पहले दिन दो लाख 75 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माता के स्वर्णिम स्वरूप के दर्शन किए थे और साढ़े लाख रुपये का खजाना और 11 क्विंटल धान का लावा प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया था। 19 अक्तूबर को श्रद्धालुओं की संख्या दो लाख, 20 अक्तूबर को दो लाख 15 हजार, 21 अक्तूबर को एक लाख 75 हजार और 22 अक्तूबर को दो लाख 50 हजार से ज्यादा रही।
तिरुपति बालाजी जाएगा मां अन्नपूर्णा का प्रसाद
मां अन्नपूर्णा के अन्नकूट महोत्सव के बाद माता का प्रसाद तिरुपति बालाजी जाएगा। मंदिर के महंत शंकर पुरी माता का प्रसाद लेकर तिरुपति बालाजी रवाना होंगे। वह बालाजी की मंगला आरती में माता की चुनरी और 56 भोग का प्रसाद अर्पित करेंगे। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है जो आज भी अनवरत जारी है। इसके बाद महंत माता का प्रसाद और चुनरी लेकर अंबानी परिवार से मिलने मुंबई रवाना होंगे।