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तैनाती 21 की, मौके पर सिर्फ एक
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 10 Jul 2016 02:55 AM IST
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शहर के पक्का महाल में सफाई व्यवस्था का जिम्मा संभाल रही निजी संस्था आईएलएफएस के दावों की शनिवार को हवा निकल गई। महापौर रामगोपाल मोहले और जिलाधिकारी विजय किरन आनंद के निरीक्षण में राजमंदिर वार्ड में गायघाट मुहल्ले से भैरानाथ मंदिर तक खामियां ही खामियां मिलीं। जगह-जगह सड़कों और गलियों में कूड़ा फैला था। नागरिकों ने भी नियमित कूड़ा न उठने और सफाई न होने की शिकायतों की झड़ी लगा दी। निजी संस्था से सफाई कर्मियों की तैनाती के बारे में डीएम ने जानकारी की तो पता चला कि 21 कर्मचारी तैनात हैं लेकिन मौके पर सिर्फ एक सफाई कर्मी मधु झाड़ू लगाती दिखी।
इस पर डीएम ने निजी संस्था को कड़ी चेतावनी दी। साथ ही, संस्था के सीईओ अनिल गुप्ता से इस बारे में जवाब तलब किया। रविवार से नियमित कूड़ा उठान और साफ-सफाई सुनिश्चित कराने की ताकीद की। महापौर और डीएम ने सुबह 9:25 बजे निरीक्षण की शुरुआत गायघाट से की। यहां डीएम से रामजी अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने शिकायत की कि नियमित सफाई नहीं होती। इस पर मेयर और डीएम ने तत्काल सफाई कराने का निर्देश दिया। साथ ही, स्थानीय लोगों से कहा कि मुहल्ले का गेट न बंद करें ताकि सफाई में कोई दिक्कत न आए। कोतवाली के पोस्ट वार्डेन अमित अग्रवाल, राजेश सिंह आदि ने भी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन न होने और शिकायत के बाद भी सफाई न कराए जाने की जानकारी दी। नाराज डीएम ने सुपरवाइजर अरुण पांडेय को जमकर फटकार लगाई। कहा कि हर हाल में नियमित सफाई कराई जाए। सड़क पर कूड़ा फेंकने वालों को तत्काल नोटिस जारी किया जाए।
डीएम ने पत्थर गली स्थित कोटे की दूकान पर मौजूद लोगों से राशन वितरण के बारे में जानकारी ली। यहां से महापौर और डीएम भैरोनाथ तक गए। इस दौरान कई जगह गली में कूड़ा फैला था। महापौर ने सुपरवाइजर को निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था की प्रतिदिन की रिपोर्ट उन्हें, डीएम और नगर आयुक्त को दें। इससे पहले सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए गठित 14 टीमों को रवाना किया गया। ये टीमें पक्का महाल के 14 वार्डों में सफाई व्यवस्था के बारे में नागरिकों से फीडबैक लेकर उसकी रिपोर्ट देंगी।
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इस पर डीएम ने निजी संस्था को कड़ी चेतावनी दी। साथ ही, संस्था के सीईओ अनिल गुप्ता से इस बारे में जवाब तलब किया। रविवार से नियमित कूड़ा उठान और साफ-सफाई सुनिश्चित कराने की ताकीद की। महापौर और डीएम ने सुबह 9:25 बजे निरीक्षण की शुरुआत गायघाट से की। यहां डीएम से रामजी अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने शिकायत की कि नियमित सफाई नहीं होती। इस पर मेयर और डीएम ने तत्काल सफाई कराने का निर्देश दिया। साथ ही, स्थानीय लोगों से कहा कि मुहल्ले का गेट न बंद करें ताकि सफाई में कोई दिक्कत न आए। कोतवाली के पोस्ट वार्डेन अमित अग्रवाल, राजेश सिंह आदि ने भी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन न होने और शिकायत के बाद भी सफाई न कराए जाने की जानकारी दी। नाराज डीएम ने सुपरवाइजर अरुण पांडेय को जमकर फटकार लगाई। कहा कि हर हाल में नियमित सफाई कराई जाए। सड़क पर कूड़ा फेंकने वालों को तत्काल नोटिस जारी किया जाए।
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डीएम ने पत्थर गली स्थित कोटे की दूकान पर मौजूद लोगों से राशन वितरण के बारे में जानकारी ली। यहां से महापौर और डीएम भैरोनाथ तक गए। इस दौरान कई जगह गली में कूड़ा फैला था। महापौर ने सुपरवाइजर को निर्देश दिया कि सफाई व्यवस्था की प्रतिदिन की रिपोर्ट उन्हें, डीएम और नगर आयुक्त को दें। इससे पहले सफाई व्यवस्था का जायजा लेने के लिए गठित 14 टीमों को रवाना किया गया। ये टीमें पक्का महाल के 14 वार्डों में सफाई व्यवस्था के बारे में नागरिकों से फीडबैक लेकर उसकी रिपोर्ट देंगी।
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