Varanasi: मानसून की दस्तक से पहले हट जाएगी टेंट सिटी, देव दीपावली से पहले फिर बसेगी, इस बार क्षमता भी बढ़ेगी
वाराणसी में इस बार जनवरी में गंगा पार रेत पर टेंट सिटी बसाई गई थी। इसके जून के पहले सप्ताह तक संचालन की उम्मीद है। मानसून की दस्तक से पहले इसे हटाने की योजना है।
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वाराणसी में देव दीपावली से पहले गंगा उस पार रेती पर टेंट सिटी फिर बसाई जाएगी। क्षमता भी बढ़ेगी। इसका खाका तैयार किया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक सितंबर से फिर टेंट सिटी को बसाने का काम शुरू किया जाएगा। देव दीपावली तक सैलानी फिर सिटी में ठहर सकेंगे।
दोनों कार्यदायी एजेंसियां पिछली बार के मुकाबले ज्यादा सैलानियों के ठहरने वाली सुविधाएं मुहैया कराएंगी। मौसम में बदलाव और बारिश की संभावना को देखते हुए टेंट सिटी को हटाने की कवायद चल रही है। 15 जून से कॉटेज हटाए जाएंगे। बारिश से पहले गंगा पार रेती को पूरी तरह खाली कर दिया जाएगा। इसी वजह से संचालक जून की बुकिंग नहीं ले रहे हैं।
अब तक दो लाख से ज्यादा सैलानी ठहरे
120 दिन से बसी टेंट सिटी में दो लाख से ज्यादा सैलानी ठहरे हैं। दरअसल, बनारस की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराने के लिए दो कंपनियों को पांच वर्ष तक टेंट सिटी बसाने का जिम्मा सौंपा गया है। विकास प्राधिकरण ने अलग-अलग विभागों से समन्वय करके सुविधाएं भी विकसित की है। टेंट सिटी हटने के बाद यहां स्थापित बिजली, सीवर, पेयजल की सुविधाओं के लिए लगाए गए संशाधनों को हटाया जाएगा।
वीडीए सचिव डा. सुनील कुमार वर्मा ने कहा कि मानसून के दस्तक से पहले टेंट सिटी हट जाएगी। इसकी सूचना विभागों को दी जा चुकी है। सबको अपने संसाधन सुरक्षित करने हैं।
गंगा की तलहटी में बसा दी टेंट सिटी, एनजीटी में सुनवाई आज
नियम-मानक दरकिनार करके टेंट सिटी बसाने से संबंधित मामले की सुनवाई सोमवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) नई दिल्ली में होगी। इस पर वीडीए व टेंट सिटी संचालकों की निगाह लगी हुई है। दरअसल, एनजीटी की कमेटी ने 166 पेज की जांच रिपोर्ट बनाई है। यह रिपोर्ट ट्रिब्यूनल को दी जा चुकी है। इसमें सरकारी व गैर सरकारी एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। कहा गया कि गंगा की तलहटी में ही टेंट सिटी बसा दी गई। इसके लिए जिम्मेदार विभागों से अनुमति तक नहीं ली गई।