वाराणसी में तेलंगाना की राज्यपाल बोलींः भरतियार पीठ से मजबूत होंगे तमिलनाडु और काशी के रिश्ते
राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी के 61वां वार्षिक सम्मेलन में तेलंगाना की राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन वाराणसी पहुंची। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तमिल लेखक और दार्शनिक भरतियार के नाम पर पीठ स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे तमिलनाडु और काशी का संबंध और मजबूत होगा।
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राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान अकादमी का 61वां वार्षिक सम्मेलन और दीक्षांत समारोह शनिवार को बीएचयू में मनाया गया। बतौर मुख्य अतिथि तेलंगाना की राज्यपाल एवं पुडुचेरी की उपराज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन ने कहा कि महामना द्वारा स्थापित काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अकादमी का आयोजन होना बहुत महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तमिल लेखक और दार्शनिक भरतियार के नाम पर पीठ स्थापित करने की घोषणा की गई है। इससे तमिलनाडु और काशी का संबंध और मजबूत होगा। बीएचयू के शताब्दी कृषि सभागार में मुख्य अतिथि ने अकादमी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोरोना काल में किए गए सराहनीय कार्य के लिए मानद फेलोशिप दी।
वहीं, चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया। पीएम को दी जाने वाली यह फेलोशिप अकादमी के सदस्य उन्हें भेंट करेंगे। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री डॉ. भागवत कराड ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान अकादमी ने अपने 6 दशक से अधिक के सफर में अभूतपूर्व कार्य किया है।
अकादमी के कार्य की सराहना की
उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सा शोध, वैज्ञानिक अनुसंधान में योगदान के लिए अकादमी के कार्य की सराहना की। प्रभारी वीसी प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि चिकित्सा जगत में व्याप्त चुनौतियों पर सम्मेलन में सार्थक चर्चा का आह्वान किया। अतिथियों का स्वागत आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. बीआर मित्तल ने किया।
कार्यक्रम संयोजक प्रो. अशोक कुमार ने बताया कि सम्मेलन में अलग-अलग विषयों में व्याख्यान के साथ ही आईएमएस बीएचयू समेत अन्य जगहों से 52 चिकित्सकों, वैज्ञानिकों को फेलोेशिप भी दी जाएगी।