किशोर का शव दरवाजे पर रख अंतिम संस्कार से परिजनों का इंकार, की ये मांग
जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र के सारी जहांगीर पट्टी में पांच दिन पहले हुई मारपीट में घायल किशोर की मौत के बाद परिजनों ने घर के बाहर शव रखकर अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया है। पुलिस के रवैये से क्षुब्ध परिजन आरोपियों की जल्दी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पिछले 13 घंटे से शव दरवाजे पर पड़ा हुआ है। पुलिस प्रशासन के अफसर गणमान्य लोगों के साथ उन्हें मनाने की कोशिश में जुटे हैं।
सारी जहांगीर पट्टी गांव में बच्चों के बीच हुए विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी। इसमें एक पक्ष से शिवकुमार शुक्ल(40), दुर्गेश(17), संगीता(32), नीलेश(13), हीरावती (65) और दूसरे पक्ष से जितेंद्र सिंह(56), राजन(26), पुनीत(25), अमित(27), सुमित(25), अभिषेक(19) को चोट आई थी। वाराणसी के ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान शुक्रवार को दुर्गेश ने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के बाद रात करीब 8 बजे शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। दरवाजे के बाहर ही शव को रखकर आरोपियों पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे। उनका आरोप है कि सरपतहा थाने की पुलिस विपक्षियों के प्रभाव में उन्हें बचा रही है।
पुलिस ने पहले विपक्षियों की ओर से ही केस दर्ज किया। बाद में उनकी तहरीर ली गई। गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद भी मारपीट की सामान्य धाराओं में एनसीआर दर्ज किया। पुलिस के इस रवैये के कारण ही विपक्षी उन्हें आए दिन धमकाते रहे हैं। वह एक दिन पहले तक खुलेआम गांव में घूमते रहे, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई।
अब उनका कहना है कि वह तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, जब तक आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं करती। सूचना पाकर अलसुबह ही शाहगंज सीओ जितेंद्र दुबे गांव पहुंचे। गणमान्य लोगों को साथ लेकर परिजनों को मनाने की कोशिश चलती रही, मगर परिजन राजी नहीं हो रहे थे।