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रेलवे काउंटर से 15 दिन में 20, साइबर कैफे धड़ाधड़ निकल रहे तत्काल टिकट

Sun, 22 Nov 2020 01:11 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2020 01:11 AM IST
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tatkal ticket
वाराणसी। रेलवे की तमाम चौकसी के बावजूद टिकट दलालों का गिरोह फल फूल रहा है। तत्काल टिकट से लेकर सामान्य टिकट तक वह आसानी से निकाल ले रहे हैं। यहां यात्री 5 से 7 घंटे तक तत्काल के लिए रेलवे के आरक्षण काउंटर पर लाइन में रहते हैं, तब भी कंफर्म टिकट नहीं मिलता, वहीं पर्सनल आईडी और साइबर कैफे के माध्यम से टिकट दलाल धड़ाधड़ तत्काल टिकट निकाल ले रहे हैं।
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कैंट के मुख्य आरक्षण केंद्र पर रेलवे सूत्रों के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में महज 20 तत्काल टिकट निकल पाए हैं। वह भी सिर्फ नई दिल्ली और आसपास शहरों के टिकट शामिल हैं। जबकि मुंबई, सूरत, गुजरात, अहमदाबाद आदि शहरों के लिए तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगे लोगों को सिर्फ निराशा ही हाथ लगी है। जबकि बाहर में तत्काल से लेकर सामान्य टिकट आसानी से निकल जा रहा है। इसके लिए यात्रियों को टिकट पीछे 500 से 1000 रुपये तक अतिरिक्त खर्च करने पड़ जा रहे हैं।
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वहीं शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ट्रेवेल्स, साइबर कैफे पर एक बार में 4 से 8 टिकट तत्काल निकल रहे हैं। रेलवे के सर्वर से तेज दलालों का नेटवर्क चल रहा है और रेलवे की सुरक्षा एजेंसियों कुछ नहीं कर पा रही हैं। कहीं छापा मारकर साइबर कैफे का भंड़ाफोड़ करते हैं तो वहीं दूसरे दिन ही दूसरी दुकान खुल जा रही है।
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कम टिकट निकलने की ये है वजह
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रेलवे के सर्वर से तेज नेटवर्क दलालों का चल रहा है। रेलवे के आरक्षण काउंटर पर तत्काल का समय 10 बजे शुरू होता है। ठीक 10 बजे के बाद कर्मचारी यात्रियों का नाम, यात्रा का विवरण, तिथि और अब तो पता के साथ ही पोस्ट और पिनकोड भी पूछा जाता है, इतना सब भरते हुए 40 से 50 सेकेंड पार हो जाते हैं। जबकि बाहर इंटरनेट पर तत्काल का सिस्टम यह है कि वह यात्री का पूरा विवरण भरकर तैयार रहते हैं, जैसे ही घड़ी की सूई 10 पर पहुंचती है तो वह सिर्फ एक क्लिक इंटर मारकर तत्काल टिकट निकाल लेते हैं। इस तरह एक बार में 4 से 6 टिकट वह बना लेते हैं। इस काम के लिए वह ट्रेंड युवाओं को रखते हैं। सिर्फ तत्काल टिकट निकालने के आधार पर ही उन्हें मेहनताना दिया जाता है। जब तक पीआरएस और बाहरी इंटरनेट का सर्वर एक बराबर नहीं होगा, जब तक तत्काल टिकट दलालों को रोक पाना बहुत मुश्किल है।

सारनाथ से पकड़े गए थे दो टिकट दलाल
आरपीएफ इंस्पेक्टर अनूप सिन्हा ने बताया कि अनाधिकृत तरीके से टिकट बनाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। तीन दिन पूर्व ही सारनाथ स्थित एक ट्रवेल्स से दो दलालों को तत्काल टिकट के साथ पकड़ा गया था। पर्सनल आईडी पर मुंबई और रायपुर सहित नई दिल्ली के 8 टिकट बरामद हुआ था।
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