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केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने विकास की नई नीति का काशी से किया श्रीगणेश
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 04 Sep 2018 10:25 AM IST
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बैठक में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु
- फोटो : amar ujala
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे केन्द्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने वाराणसी सहित देश भर के लिए जिलों की विकास दर बढ़ाने की योजना को लांच किया। पायलट प्रोजेक्ट के तहत वाराणसी के अलावा देश के पांच जिलों में भारतीय प्रबंधन संस्थान की मदद से कृषि, सेवा और उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि देश के विकास में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। वाराणसी में विकास की असीम संभावनाएं हैं, मगर योजनाबद्ध तरीके से काम नहीं होने से उद्योगों का विकास रुका हुआ है।
केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि कोई भी अच्छा काम अच्छी जगह से किया जाता है तो सफलता मिलती है। लोग मोक्ष पाने के लिए काशी आते हैं, उसी तरह हम देश की समस्याओं से मोक्ष पाने के लिए काशी से योजना का शुभारंभ कर रहे हैं। इससे पहले आईआईएम लखनऊ और जिला प्रशासन की ओर से विकास की संभावनाओं पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया गया।
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उत्तर प्रदेश में बनारस के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर, हिमाचल के सलोन, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और महाराष्ट्र के रत्नागिरी व सिंधुदुर्ग में सोमवार को इस योजना को शुरू किया गया। इसमें भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ वाराणसी में उद्योगों के विस्तार की संभावना की तलाश करेगा।
इस पर दो फेज में काम होगा। पहले फेज में तीन महीने के भीतर जिला प्रशासन और शेयर धारकों के सहयोग से जिला योजना बनाई जाएगी। दूसरे फेज में जिला प्रशासन की मेंटरिंग में इसका क्रियान्वयन होगा।
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मंडलायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि देश के विकास में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी। वाराणसी में विकास की असीम संभावनाएं हैं, मगर योजनाबद्ध तरीके से काम नहीं होने से उद्योगों का विकास रुका हुआ है।
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केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि कोई भी अच्छा काम अच्छी जगह से किया जाता है तो सफलता मिलती है। लोग मोक्ष पाने के लिए काशी आते हैं, उसी तरह हम देश की समस्याओं से मोक्ष पाने के लिए काशी से योजना का शुभारंभ कर रहे हैं। इससे पहले आईआईएम लखनऊ और जिला प्रशासन की ओर से विकास की संभावनाओं पर पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया गया।
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उत्तर प्रदेश में बनारस के बाद बिहार के मुजफ्फरपुर, हिमाचल के सलोन, आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम और महाराष्ट्र के रत्नागिरी व सिंधुदुर्ग में सोमवार को इस योजना को शुरू किया गया। इसमें भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ वाराणसी में उद्योगों के विस्तार की संभावना की तलाश करेगा।
इस पर दो फेज में काम होगा। पहले फेज में तीन महीने के भीतर जिला प्रशासन और शेयर धारकों के सहयोग से जिला योजना बनाई जाएगी। दूसरे फेज में जिला प्रशासन की मेंटरिंग में इसका क्रियान्वयन होगा।
किसानों को मिलेगा लाभ
केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु
- फोटो : amar ujala
नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु की मौजूदगी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए मंत्रालय और नगर निगम के बीच एमओयू भी हुआ। इसके तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, सीएसआर के तहत 7.73 करोड़ रुपये नगर निगम को देगा। इसके साथ ही पूर्व में एएआई (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) से हुए समझौते के तहत पौधरोपण के लिए तीन करोड़ रुपये का चेक एनएचआई को दिया गया।
बैठक में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि छह जिलों में यह योजना पूरी तरफ सफल साबित होगी। इसके बाद देश के अन्य जिलों में इस योजना को चलाया जायेगा। नयी योजना में कृषि क्षेत्र को भी शामिल किया है, इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। किसानों की आमदनी बढ़ने से हमारा कृषि क्षेत्र मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि हम जिलों को इतना सक्षम बना देंगे कि अब जिलों में सीधे निवेश में बढ़ोतरी हो। यह तभी संभव होगा जब जिले की जीडीपी तेजी से विकास करेगी। सेवा क्षेत्र को बढ़ाने की जरूरत है। नयी योजना से औद्योगिक उत्पादन भी बढ़ेगा।
वाराणसी की विकास दर को बढ़ाने के लिए पर्यटन, हैंडीक्राफ्ट, कृषि, मत्स्य, पशुपालन और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी की संभावना तलाशने के लिए आईआईएम लखनऊ सर्वे करेगा। इसमें उद्यमियों, व्यापारियों और आम लोगों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया जाएगा। इसी आधार पर योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि छह जिलों में यह योजना पूरी तरफ सफल साबित होगी। इसके बाद देश के अन्य जिलों में इस योजना को चलाया जायेगा। नयी योजना में कृषि क्षेत्र को भी शामिल किया है, इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। किसानों की आमदनी बढ़ने से हमारा कृषि क्षेत्र मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि हम जिलों को इतना सक्षम बना देंगे कि अब जिलों में सीधे निवेश में बढ़ोतरी हो। यह तभी संभव होगा जब जिले की जीडीपी तेजी से विकास करेगी। सेवा क्षेत्र को बढ़ाने की जरूरत है। नयी योजना से औद्योगिक उत्पादन भी बढ़ेगा।
वाराणसी की विकास दर को बढ़ाने के लिए पर्यटन, हैंडीक्राफ्ट, कृषि, मत्स्य, पशुपालन और स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ोत्तरी की संभावना तलाशने के लिए आईआईएम लखनऊ सर्वे करेगा। इसमें उद्यमियों, व्यापारियों और आम लोगों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया जाएगा। इसी आधार पर योजना बनाकर उसका क्रियान्वयन किया जाएगा।