{"_id":"57be05ee4f1c1b487ed4f0c9","slug":"super-human-computer-seized-land-fraud-in-varanasi","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने पकड़ी जमीन की जालसाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने पकड़ी जमीन की जालसाजी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 25 Aug 2016 02:09 AM IST
विज्ञापन
computer
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएचयू आईआईटी के छात्र रहे बीएन खेतान के सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने भेलूपुर में जमीन की एक बड़ी जालसाजी का भंडाफोड़ किया है। भोगाबीर में एक व्यक्ति की जमीन को अपना बताकर भू माफिया ने जमीन का सट्टा कर दिया था। क्रेता और विक्रेता दोनों मिले हुए थे। सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने इस धांधली को पकड़ लिया। खेतान ने जालसाजी के मामले की शिक ायत डीएम विजय किरन आनंद से की है।
मूल रूप से रामकटोरा निवासी खेतान कोलकाता में कोराबार करते हैं। उनका दावा है कि उनके द्वारा अविष्कृत सुपर ह्यूमन कं प्यूटर से जमीन, बिजली, मोबाइल समेत कुछ और क्षेत्रों में की जा रही जालसाजी पकड़ी जा सकती है। सुपर ह्यूमन कंप्यूटर की मदद से ही उन्हें पता चला कि भोगाबीर में भू माफिया ने एक व्यक्ति की कीमती जमीन को खरीद लिया।
2014 में जमीन की रजिस्ट्री के बाद दाखिल खारिज कर दिया है। विक्र्र्रेता ने कागजात में अलग-अलग प्रकार से हस्ताक्षर किए लेकिन सरकारी कर्मचारी इस गलती को नहीं पकड़ सके। बाद में इसी खामी को उनके सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने पकड़ लिया।
विज्ञापन
खेतान का कहना है कि उन्होंने जमीन के वास्तविक स्वामी को पूरे मामले से अवगत कराया लेकिन बदमाशों की धमकी से वह सहम गए और पुलिस में शिकायत नहीं की। इसके बाद खेतान ने जालसाजी के इस मामले को डीएम के संज्ञान में दिया है।
विज्ञापन
मूल रूप से रामकटोरा निवासी खेतान कोलकाता में कोराबार करते हैं। उनका दावा है कि उनके द्वारा अविष्कृत सुपर ह्यूमन कं प्यूटर से जमीन, बिजली, मोबाइल समेत कुछ और क्षेत्रों में की जा रही जालसाजी पकड़ी जा सकती है। सुपर ह्यूमन कंप्यूटर की मदद से ही उन्हें पता चला कि भोगाबीर में भू माफिया ने एक व्यक्ति की कीमती जमीन को खरीद लिया।
विज्ञापन
2014 में जमीन की रजिस्ट्री के बाद दाखिल खारिज कर दिया है। विक्र्र्रेता ने कागजात में अलग-अलग प्रकार से हस्ताक्षर किए लेकिन सरकारी कर्मचारी इस गलती को नहीं पकड़ सके। बाद में इसी खामी को उनके सुपर ह्यूमन कंप्यूटर ने पकड़ लिया।
विज्ञापन
खेतान का कहना है कि उन्होंने जमीन के वास्तविक स्वामी को पूरे मामले से अवगत कराया लेकिन बदमाशों की धमकी से वह सहम गए और पुलिस में शिकायत नहीं की। इसके बाद खेतान ने जालसाजी के इस मामले को डीएम के संज्ञान में दिया है।