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कॉलेज के मेरिट लिस्ट में नाम होने के बाद भी नहीं मिला एडमिशन, छात्र ने खाया जहर
ब्यूरो,अमर उजाला,मिर्जापुर
Updated Thu, 24 Aug 2017 10:45 AM IST
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छात्र जिला अस्पताल में भर्ती, हालत सामान्य
- फोटो : अमर उजाला
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केबीपीजी कॉलेज, मिर्जापुर के मेरिट लिस्ट में नाम होने के बावजूद प्रवेश नहीं मिलने से मायूस छात्र ने बुधवार की दोपहर 12 बजे कॉलेज कैंपस में ही जहर खा लिया। छात्र को आनन फानन में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डीएम, एसडीएम सदर और कालेज की प्राचार्य ने अस्पताल पहुंच कर छात्र के बारे में जानकारी ली। छात्र की हालत सामान्य है। चील्ह के रामपुर गांव निवासी अतुल दूबे (21) ने केबी पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए फार्म भरा था। उसका नाम सूची में था।
छात्र के अनुसार तीन अगस्त को वह प्रवेश लेने पहुंचा तो कॉलेज प्रशासन के लोगों ने कहा कि आज फार्म अधिक हो गया है, इसलिए चार अगस्त की सुबह प्रवेश लिया जाएगा। जब अतुल चार अगस्त की सुबह पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि प्रवेश की तिथि तीन अगस्त तक ही थी।
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उसने बताया कि वह तीन अगस्त को आया था, लेकिन फार्म जमा नहीं किया गया और उसे चार अगस्त को बुलाया गया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन के लोग नहीं माने। वह निराश होकर घर लौट गया। बुधवार को छात्र फिर कॉलेज पहुंचा।
दाखिले से संबधित जानकारी ली। कोई बात बनती न देख वह मायूस हो गया और कॉलेज कैंपस में चूहा मारने वाला जहर खा लिया। अचेत होने पर छात्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छात्र ने जहर खाने से पहले सुसाइड नोट में लिखा था कि कॉलेज प्रशासन छात्रों के प्रवेश में मनमाना रवैया अपना रहा है। इससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने से वंचित हो गए हैं। इसकी जांच करा कर प्रवेश समिति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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डीएम, एसडीएम सदर और कालेज की प्राचार्य ने अस्पताल पहुंच कर छात्र के बारे में जानकारी ली। छात्र की हालत सामान्य है। चील्ह के रामपुर गांव निवासी अतुल दूबे (21) ने केबी पीजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए फार्म भरा था। उसका नाम सूची में था।
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छात्र के अनुसार तीन अगस्त को वह प्रवेश लेने पहुंचा तो कॉलेज प्रशासन के लोगों ने कहा कि आज फार्म अधिक हो गया है, इसलिए चार अगस्त की सुबह प्रवेश लिया जाएगा। जब अतुल चार अगस्त की सुबह पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि प्रवेश की तिथि तीन अगस्त तक ही थी।
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उसने बताया कि वह तीन अगस्त को आया था, लेकिन फार्म जमा नहीं किया गया और उसे चार अगस्त को बुलाया गया था, लेकिन कॉलेज प्रशासन के लोग नहीं माने। वह निराश होकर घर लौट गया। बुधवार को छात्र फिर कॉलेज पहुंचा।
दाखिले से संबधित जानकारी ली। कोई बात बनती न देख वह मायूस हो गया और कॉलेज कैंपस में चूहा मारने वाला जहर खा लिया। अचेत होने पर छात्र को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
छात्र ने जहर खाने से पहले सुसाइड नोट में लिखा था कि कॉलेज प्रशासन छात्रों के प्रवेश में मनमाना रवैया अपना रहा है। इससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं प्रवेश लेने से वंचित हो गए हैं। इसकी जांच करा कर प्रवेश समिति के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
आखिर छात्र को क्यों नहीं मिला एडमिशन
केबीपीजी कॉलेज प्रशासन के खिलाफ हंगामा करते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
केबीपीजी कालेज की प्राचार्य डा. सुनीता त्रिपाठी ने कहा कि अतुल दूबे कॉलेज का छात्र नहीं है। उसने बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए फार्म जमा किया था। उसका नाम सेकेंड मेरिट लिस्ट में था, किंतु उसने निर्धारित तिथि के अंदर प्रवेश नहीं लिया। इससे उसका प्रवेश नहीं हो सका।
जबकि समन्वयक प्रवेश समिति डा. अनिल कुमार सिंह का कहना है कि प्रवेश के लिए समिति का गठन किया गया है। संकाय एवं श्रेणीवार पटल स्थापित करके शिक्षक प्रवेश कार्य कर रहे हैं। प्राचार्य और समन्वयक का कार्य केवल यह देखना होता है कि प्रवेश में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
उधर, कॉलेज के छात्रों ने इस घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया और प्राचार्य का पुतला भी फूंका।
जबकि समन्वयक प्रवेश समिति डा. अनिल कुमार सिंह का कहना है कि प्रवेश के लिए समिति का गठन किया गया है। संकाय एवं श्रेणीवार पटल स्थापित करके शिक्षक प्रवेश कार्य कर रहे हैं। प्राचार्य और समन्वयक का कार्य केवल यह देखना होता है कि प्रवेश में नियमों का पालन हो रहा है या नहीं।
उधर, कॉलेज के छात्रों ने इस घटना के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया और प्राचार्य का पुतला भी फूंका।