फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Strike of junior doctors in BHU ends: Returned to work after five days, big relief for patients

वाराणसी: बीएचयू में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, पांच दिन बाद काम पर लौटे, मरीजों को बड़ी राहत

Tue, 26 Sep 2023 12:15 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Tue, 26 Sep 2023 12:15 PM IST
सार

बीएचयू अस्पताल के डॉक्टर पांच दिन बाद काम पर लौटे है। इससे  मरीजों की बड़ी राहत मिली है। बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में बीते बुधवार को जानलेवा हमले के विरोध में जूनियर रेजिडेंट-सीनियर रेजिडेंट(जेआर-एसआर) की हड़ताल की वजह से ओपीडी व्यवस्था चरमरा गई थी।

विज्ञापन
Strike of junior doctors in BHU ends: Returned to work after five days, big relief for patients
बीएचयू अस्पताल में हड़ताल खत्म होने के बाद मेडिसिन ओपीडी में लगी मरीजों की लाइन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में पिटाई के विरोध में हड़ताल करने वाले जूनियर डाॅक्टर पांच दिन बाद काम पर लौट आए हैं। इससे मरीजों को बड़ी राहत हुई। ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने के साथ ही मरीजों के ऑपरेशन और अन्य जांच भी सामान्य दिनों की तरह मंगलवार को हुए।

20 सितंबर की शाम को इमरजेंसी में कुछ अराजकतत्वों ने जूनियर रेजिडेंट-सीनियर रेजिडेंट की पिटाई कर दी थी। 21 सितंबर से ही जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर थे और हर दिन आईएमएस निदेशक कार्यालय पर बैठे रहे। उनकी इमरजेंसी गेट पर पुलिस चौकी स्थापित करने, यहां बायोमेट्रिक सिस्टम वाले गेट लगवाने, बाउंसरों की संख्या बढ़ाए जाने के साथ ही हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग थी। मंगलवार को दोपहर में लंका पुलिस ने मामले में बीएचयू के दो छात्रों को गिरफ्तार किया। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए।
विज्ञापन

ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक रही मरीजों की भीड़

मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, सर्जिकल आंकोलॉजी, टीबी एंड चेस्ट, हृदय रोग विभाग सहित कई विभागों की ओपीडी में लोग पर्चा जमाकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। वहीं पैथालॉजी केंद्र पर भी जांच कराने वालों की लंबी लाइन लगी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

कब क्या हुआ।

20 सितंबर: इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों की पिटाई।

21 सितंबर: बीएचयू अस्पताल-ट्रॉमा सेंटर में तैनात जेआर-एसआर हड़ताल पर गए। इस वजह से मरीजों को बिना जांच, इलाज लौटना पड़ा।

22 सितंबर: जेआर-एसआर से आईएमएस निदेशक समेत कई अधिकारियों की बातचीत। लेकिन हड़ताल खत्म नहीं हुई। मरीजों का संकट बरकरार रहा।

23 सितंबर: जेआर-एसआर ने आईसीयू-इमरजेंसी में सेवा न देने की धमकी दी लेकिन एसीपी भेलूपुर और बीएचयू अधिकारियों के आश्वासन पर इसको वापस लिया।

24 सितंबर: बीएचयू अस्पताल के वार्डों में सेवा न देने का निर्णय। नर्सिंग छात्रों ने इमरजेंसी समेत अन्य वार्डों में मरीजों की सेवा कार्य किया।

25 सितंबर: मांगें पूरी न होने के विरोध में आईएमएस निदेशक कार्यालय से चीफ प्रॉक्टर कार्यालय, इमरजेंसी गेट पर प्रदर्शन किया।

26 सितंबर: दो हमलावरों की गिरफ्तारी होने के बाद काम पर लौट आए।





 

Strike of junior doctors in BHU ends: Returned to work after five days, big relief for patients
बीएचयू अस्पताल के न्यूरोलजी ओपीडी में मरीजों को देखते प्रो. वीएन मिश्रा - फोटो : अमर उजाला

बता दें कि बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में बीते बुधवार को जानलेवा हमले के विरोध में जूनियर रेजिडेंट-सीनियर रेजिडेंट(जेआर-एसआर) की हड़ताल की वजह से ओपीडी व्यवस्था चरमरा गई थी। पांच दिनों से मरीज इधर-उधर भटक रहे थे। मरीज कराहते रहे लेकिन जूनियर डॉक्टरों के साथ ही कई विभागों की ओपीडी में सीनियर डॉक्टर(आईएमएस बीएचयू के शिक्षकों) भी नहीं बैठे। उनके कमरे में ताला बंद रहा। ओपीडी के बाहर मरीज अपने तीमारदारों के साथ डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे। पंजीकरण काउंटर और जांच केंद्रों पर भी सन्नाटे जैसा माहौल देखने को मिला।

Strike of junior doctors in BHU ends: Returned to work after five days, big relief for patients
बीएचयू अस्पताल में धरना देते जूनियर डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

ये है पूरा मामला
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल की इमरजेंसी में बुधवार की देर रात दो महिला सहित पांच जूनियर डॉक्टरों को पीट दिया गया। घायल डॉक्टरों का ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक उपचार करके छात्रावास भेजा गया। इससे नाराज जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा किया। डॉक्टरों की तरफ से प्रॉक्टोरियल बोर्ड को तहरीर दी गई है। इसमें सरकारी कामकाज में बाधा डालने, मारपीट व तोड़फोड़ की बात लिखी थी। 
बीएचयू अस्पताल के सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में बुधवार की देर रात भूतल पर इमरजेंसी डॉक्टर इलाज में लगे थे। इसी बीच लिफ्ट से बीएचयू के कुछ छात्र इमरजेंसी में आए और अपने परिजन का इलाज जल्द कराने का दबाव बनाने लगे। इससे कहासुनी होने लगी। सुरक्षाकर्मियों ने शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। सुरक्षाकर्मियों से भी नोकझोंक होने लगी। आरोप है कि इमरजेंसी में इलाज कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने आपत्ति की और वहां मौजूद युवकों से बाहर जाने को कहा। इससे नाराज युवकों ने उनकी भी पिटाई शुरू कर दी। इससे दो महिला सहित पांचजूनियर डॉक्टर घायल हो गए। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम सभी को ट्रॉमा सेंटर ले गई, जहां इमरजेंसी में उनका इलाज हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed