फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   stream of melodies flowed on banks of Ganges during Kajari Festival in varanasi

Varanasi News: डिम-डिम डमरू बजाएला हमार जोगिया... कजरी महोत्सव में गंगा के तट पर बही सुरों की रसधार

Sat, 05 Oct 2024 11:12 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 05 Oct 2024 11:12 PM IST
सार

Varanasi News: गंगा के तट पर आयोजित संगीत समारोह में कलाकारों की खूब सराहना हुई। कजरी महोत्सव को लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। 

विज्ञापन
stream of melodies flowed on banks of Ganges during Kajari Festival in varanasi
कजरी महोत्सव में नृत्य प्रस्तुत करतीं कलाकार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन शनिवार को गंगा के तट पर कजरी महोत्सव में लोकगीत कजरी की रसधार का श्रोताओं ने रसपान किया। मिर्जापुर से पधारी उर्मिला श्रीवास्तव ने गायन की शुरुआत गंगा बधइया गीत बधइया बाजे गंगा दुआरे...से की। इसके बाद शिव स्तुति डिम-डिम डमरू बजाएला हमार जोगिया...सुनाकर भक्ति रस का प्रवाह किया।

विज्ञापन


अस्सी घाट पर उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, संस्कृति विभाग, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय तथा सुबह ए बनारस एवं जिला प्रशासन की ओर से कजरी महोत्सव में उर्मिला श्रीवास्तव ने लोकप्रिय कजरी मिर्जापुर कईला गुलजार हो कचौड़ी गली सून कईला बलमू... सुना तो श्रोताओं ने भी ताल से ताल मिलाना शुरू कर दिया। उन्होंने गायन का समापन पिया मेंहदी लियाई द मोतीझील से... सुनाकर किया। 
विज्ञापन


दूसरा कार्यक्रम पं. चेतन जोशी के बांसुरी वादन का रहा। चेतन ने वादन का आरंभ राग मेघ में द्रुत एकताल में निबद्ध रचना से किया। इसके उपरांत लोकप्रिय कजरी मिर्जापुर कईला गुलजार हो कचौड़ी गली सून कईला बलमू...को बांसुरी पर जीवंत किया। वादन का समापन सावन झर लागी... से हुआ। 

विज्ञापन
विज्ञापन

कलाकारों को दर्शकों ने सराहा
तबला संगति डॉ. अमित ईश्वर तथा सह प्रभाव वाद्य संगति धीरज कुमार की रही। तीसरा कार्यक्रम छपरा के वरिष्ठ कलाकार पं. रामप्रकाश मिश्रा के गायन का रहा। तबला संगति सुधाकर कश्यप तथा संवादिनी पर पं. पंकज शर्मा, गायन के साथ सारंगी पर आशीष मिश्रा ने संगत की। रामप्रकाश ने गायन का आरंभ राग मेघ मल्हार में विलंबित तीनताल में निबद्ध रचना घनन घनन घन घोर घोर... के उपरांत द्रुत एकताल में निबद्ध बंदिश कजरा कारे-कारे सुनाया। 

समापन कजरी सांवरिया नहीं आए छाई घटा घनघोर...से हुआ। अंतिम प्रस्तुति प्रयागराज की उर्मिला शर्मा के कथक नृत्य की रही। दुर्गा वंदना के उपरांत श्री कृष्ण की स्तुति तथा कजरी रोको ना डगर मोरी श्याम... तथा कृष्ण का रास अभिव्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक सौरभ श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शोभित नाहर तथा डॉ. रत्नेश वर्मा ने दीप जलाकर किया। इस अवसर पर डॉ. राजेश्वर आचार्य तथा प्रो. राजेश शाह की उपस्थिति रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed