UP: छात्र संघ चुनाव की बहाली और फीस वृद्धि के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, पुलिस से हुई नोकझोंक; राज्यपाल को ज्ञापन
आजमगढ़ में छात्र संघ चुनाव बहाल करने और फीस वृद्धि के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने छात्र हित में चुनाव बहाल करने और बढ़ी फीस वापस लेने की मांग की। बाद में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया।
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समाजवादी छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव आनंद यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के विभिन्न फ्रंटल संगठनों ने बृहस्पतिवार को प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव बहाल कराने, फीस वृद्धि रोकने और शैक्षणिक संस्थानों की प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सपा कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। डीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने निकले सपा कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील नजर आ रहा था।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोका। बाद में एडीएम ने मौके पर पहुंचकर कार्यकर्ताओं से राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन लिया। सपा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अभिषेक यादव और दुर्गेश यादव ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार छात्र-छात्राओं का उत्पीड़न कर रही है।
जताई नाराजगी
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन को दबाने के उद्देश्य से आनंद यादव सहित सपा के पांच कार्यकर्ताओं को पहले ही हाउस अरेस्ट किया गया था। सपा नेताओं ने मांग की कि प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए छात्र संघ चुनावों को तत्काल प्रभाव से पुनः शुरू किया जाए, ताकि छात्र अपनी समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकें।
उन्होंने मनमानी फीस वृद्धि पर तुरंत रोक लगाने और पूर्व में बढ़ाई गई फीस की पुनः समीक्षा करने की भी मांग की, ताकि आम परिवारों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।
महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में भी कॉलेज प्रशासन की मनमानी पर अंकुश लगाने, छात्र हितों की रक्षा करने और समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक समयबद्ध तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान रोशन यादव, हर्षित यादव, प्रदीप यादव, संजय पहलवान, अवनीश यादव, विकास यादव, गोलू यादव, लालजीत क्रांतिकारी, संतोष गौतम, शबनम खातून आदि मौजूद रहे।