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काबुल में फंसा बेटा लौटा स्वदेश, कल आएगा घर
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काबुल एयरपोर्ट के समीप एक स्टील फैक्ट्री में फंसे 27 भारतीयों में से लाइन बाजार थाना क्षेत्र के गोधना गांव निवासी मयंक कुमार सिंह अब स्वदेश लौट आए हैं। वह दिल्ली घर आने के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन पर भी बैठ गए हैं। उनके छोटे भाई शशांक सिंह ने बताया कि सोमवार को सुबह आठ बजे तक मयंक जफराबाद स्टेशन पर आ आएंगे।
लाइन बाजार थाना क्षेत्र से कचगांव रोड पर पांच किमी दूर गोधना गांव है। यहां के निवासी सत्य प्रकाश सिंह के बेटे मयंक कुमार सिंह काबुल स्थित खान स्टील लिमिटेड कंपनी में महाप्रबंधक हैं। कंपनी परिसर काबुल एयरपोर्ट से दो किमी दूरी पर है। इस समय मयंक काबुल स्थिति फैक्ट्री में ही थे। वह नवंबर 2018 को काबुल गए थे और इसी साल जून माह में आना चाहते थे, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं आ पाए। उधर, अफगानिस्तान में बिगड़े हालात में वह भी फंस गए थे। हालांकि उनकी बात परिवार के लोगों से लगातार हो रही थी, लेकिन वहां की स्थिति के बारे में जानकारी होने पर परिवार के लोग डर गए थे। पूरा परिवार टीवी पर नजर लगाए हुए है। सभी मयंक के सलामती की दुआ कर रहे थे। उनके छोटे भाई शशांक सिंह ने बताया कि मयंक की बस को काबुल एयरपोर्ट के पास अफगानिस्तान के लोगों ने रोक लिया था। बस में और भी भारतीय थे, जिसके कारण वह डर गए थे, लेकिन बाद में वेरिफिकेशन करके बस को छोड़ दिया गया था। मयंक भारतीयों को लेकर आ रहे विमान से रविवार को सुबह साढ़े दस बजे दिल्ली आए। यहां से घर आने के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन में बैठे हैं। वहीं, उनकी पत्नी आंचल, बेटा आदित्य सहित परिवार के सभी लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं।
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लाइन बाजार थाना क्षेत्र से कचगांव रोड पर पांच किमी दूर गोधना गांव है। यहां के निवासी सत्य प्रकाश सिंह के बेटे मयंक कुमार सिंह काबुल स्थित खान स्टील लिमिटेड कंपनी में महाप्रबंधक हैं। कंपनी परिसर काबुल एयरपोर्ट से दो किमी दूरी पर है। इस समय मयंक काबुल स्थिति फैक्ट्री में ही थे। वह नवंबर 2018 को काबुल गए थे और इसी साल जून माह में आना चाहते थे, लेकिन किन्हीं कारणों से नहीं आ पाए। उधर, अफगानिस्तान में बिगड़े हालात में वह भी फंस गए थे। हालांकि उनकी बात परिवार के लोगों से लगातार हो रही थी, लेकिन वहां की स्थिति के बारे में जानकारी होने पर परिवार के लोग डर गए थे। पूरा परिवार टीवी पर नजर लगाए हुए है। सभी मयंक के सलामती की दुआ कर रहे थे। उनके छोटे भाई शशांक सिंह ने बताया कि मयंक की बस को काबुल एयरपोर्ट के पास अफगानिस्तान के लोगों ने रोक लिया था। बस में और भी भारतीय थे, जिसके कारण वह डर गए थे, लेकिन बाद में वेरिफिकेशन करके बस को छोड़ दिया गया था। मयंक भारतीयों को लेकर आ रहे विमान से रविवार को सुबह साढ़े दस बजे दिल्ली आए। यहां से घर आने के लिए सुहेलदेव एक्सप्रेस ट्रेन में बैठे हैं। वहीं, उनकी पत्नी आंचल, बेटा आदित्य सहित परिवार के सभी लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं।
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