फौजी के बेटों ने चुना अपराध का रास्ता: 10 दिन तक खेत में छुपाए रखा था लूट का 33 लाख, दो भाइयों की करतूत से सकते में ग्रामीण
जबलपुर के गोराबाजार में 11 फरवरी को कैशवैन गार्ड की हत्या कर 33 लाख रुपये लूटने के आरोपी दो सगे भाइयों को वाराणसी के गांगपुर गांव से गिरफ्तार किया गया है।
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जबलपुर में 11 फरवरी को एटीएम कैशवैन के गार्ड की हत्या कर 33 लाख रुपये लूट मामले में गिरफ्तार वाराणसी के गांगपुर निवासी मनोज पाल और सुनील पाल ने मकान से सटे अपने खेत में रुपये से भरा बैग छुपाए रखा था। देश की सेवा करने वाले चाचा छब्बीपाल और पिता श्याम लाल सहित परिजन यह सोच कर हैरान हैं कि बेटों ने यह कैसे किया।
चाचा छब्बीपाल ने जबलपुर में अपना मकान बनवा लिया है और पिता श्याम लाल भी जबलपुर में रहते हैं। घर पर सिर्फ पट्टीदार ही रहते हैं। गांगपुर ग्राम प्रधान प्रदीप कुमार के अनुसार पूरा गांव यह सोच कर हैरान कि जिसके खानदान में लोग देश की सेवा के लिए जान की बाजी लगा देते हैं, उनके बेटों ने जुर्म का रास्ता अख्तियार कर लिया।
कभी-कभार ही गांव आते थे दोनों भाई
प्रधान के अनुसार गांव में जब कोई मांगलिक कार्यक्रम होता था तभी दोनों भाई कभी कभार आते थे। जबलपुर पुलिस की पूछताछ में दोनों भाई मनोज और सुनील ने बताया कि वह कम समय में अधिक से अधिक दौलत कमाना चाहते थे। मजदूरी और अन्य काम उन्हें नहीं भाता था। वह गुजरात की एक फैक्ट्री में काम करते थे। घर से कोई सहायता नहीं मिलने से वह आहत थे।
दोनों भाइयों ने ढाई माह तक बैंकों और एटीएम की रेकी की
पिता और चाचा ने बेसहारा छोड़ दिया तो फिर तय किया कि जिंदगी अपने ढंग से जीना है। दोनों भाइयों के दिमाग में बैठा कि बैंक लूटकर ही लाखों, करोड़ों रुपये इकट्ठा कर सकते हैं। इसलिए गुजरात से ढाई माह पूर्व प्राइवेट नौकरी छोड़कर दोबारा जबलपुर पहुंचे और कैंट इलाके में रिटायर्ड सूबेदार के यहां साढ़े तीन हजार रुपये में किराये का कमरा लेकर रहने लगे।
जबलपुर स्टेशन के पास एक हजार रुपये पर किराये पर मिलने वाली बाइक से दोनों भाइयों ने लगभग ढाई माह तक इलाके के दर्जनों विभिन्न बैंकों और एटीएम की रेकी थी। रोहनिया स्थित गांगपुर के प्रधान प्रदीप कुमार के अनुसार दोनों इस तरह की घटना को अंजाम दे सकते हैं, यह गांव के लोग भी नहीं सोच सकते। मनोज स्नातक और सुनील बारहवीं पास है। दोनों अविवाहित हैं।
नहीं पता था कि हमारे क्षेत्र में जघन्य अपराधी रह रहा
रोहनिया इंस्पेक्टर विमल प्रकाश मिश्र के अनुसार जबलपुर पुलिस मंगलवार रात जब दबिश देने आई थी तो यह नहीं पता था कि हमारे क्षेत्र में इतना जघन्य अपराध को अंजाम देकर दो अपराधी रह रहे हैं। संयुक्त टीम तैयार हुई और भदवर चौकी इंचार्ज अनुराग मिश्र के साथ पुलिस ने दबिश डालते हुए गांगपुर से आरोपी दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
दोनों के निशानदेही पर लूट की रकम बरामद हुई। जबलपुर से आई क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम से पता चला कि दोनों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए कैशवैन गार्ड रामबहादुर पटेल की हत्या कर दी थी और तीन अन्य भी गोलियों के शिकार हुए थे। कैशवैन से 33 लाख रुपये से भरी पेटी लेकर भाग निकले थे।
दोनों जब पकड़े गए तो जबलपुर पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह दो माह पूर्व बिहार गए थे और वहीं मुंगेर से 25 हजार रुपये में पिस्टल और डेढ़ दर्जन राउंड की गोलियों खरीदी थी। उसी असलहे से घटना को अंजाम दिया। असलहा दिलाने में बिचौलिया की भूमिका निभाने वाला गुजरात में काम करने वाला बिहार निवासी एक उनका साथी है।
यह है मामला
11 फरवरी 2022 को जबलपुर में बैंक ऑफ महाराष्ट्र तिलरी एटीएम के पास दिनदहाड़े गार्ड की हत्या कर एटीएम कैश वैन से रुपये लूट लिया गया था। कैशवैन के ड्राइवर और तीन गार्डों को भी गोली मारी, फिर रुपये से भरी पेटी लेकर फरार हो गए थे।
वारदात में एक गार्ड राम बहादुर की मौत हो गई। बाकी तीनों घायल हुए थे। वारदात बैंक के बाहर लगे सीसी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने एक हजार से ज्यादा वीडियो फुटेज खंगाला तो जबलपुर से लेकर कटनी, मैहर, रीवा होते हुए बनारस तक आरोपी ट्रेस होते गए।
वारदात से पहले खंगाले थे लूट के वीडियो
वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों भाइयों ने सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लूट के कई वीडियो खंगाले थे। इसमें दोनों ने वारदात के दौरान चूक नहीं होने वाले टिप्स के लिए क्राइम से जुड़े टीवी सीरियल भी कई दिनों तक देखा। इस दौरान उन्होंने जानकारी की कि शनिवार और रविवार को छुट्टी होने के कारण शुक्रवार को एटीएम में पैसा डाला जाता है।
वेलकम मैसेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जबलपुर से आई पुलिस टीम ने बताया कि दोनों के पास एक ही मोबाइल था और वे घटना के दो महीने पहले से इसका इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। घटना के बाद सिर्फ एक बार उनके मोबाइल में उत्तर प्रदेश में प्रवेश करते ही वेलकम मैसेज आया था। इस मैसेज ने भी बाद में पुलिस की काफी मदद की।
10 दिन में महज दो हजार खर्च कर पाए थे आरोपी
आरोपियों ने कुल 33 लाख रुपए लूटे थे और पूरा कैश वाराणसी लेकर आए थे। 10 दिन में दोनों आरोपियों ने महज दो हजार रुपये खर्च कर पाए थे। जबलपुर पुलिस ने रोहनिया में छिपाए गए 32 लाख 98 हजार रुपये बरामद कर लिया है। दोनों ने अपने मकान से सटे अपने खेत में रुपये से भरा बैग छुपाए रखा था।
12 फरवरी की शाम बाइक से दोनों भाई अपने घर पहुंचे। रुपये के बारे किसी को भनक नहीं लगे इसके लिए दोनों ने देर रात बैग को ले जाकर मकान के बगल वाले खेत में छुपा दिया। उसके बाद इन दस दिनों में दोनों भाई गांव से बाहर नहीं निकले। परिजन और आसपास के गांव वाले भी कुछ समझ नहीं पाए, क्योंकि गांव में उनकी जान-पहचान नहीं थी।