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यहां तो तमाम मंदिरों के पास ही है मधुशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 02 Jul 2016 02:10 AM IST
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लंका-रविंद्रपुरी मार्ग पर हनुमान मंदिर के पास स्थित शराब की दूकान।
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कबीरचौरा पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक ओर जहां बच्चों की कक्षाएं चलती हैं, वहीं स्कूल के बाहर पूरे दिन शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है। मंडुवाडीह-लहरतारा मार्ग पर डिवाइन सैनिक स्कूल के ठीक सामने तो बड़ागांव कस्बे में शीतला देवी और चंद्रिका देवी मंदिर के पास शराब की दूकाने हैं। इस तरह जिले भर में मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए स्कूलों, मंदिरों के पास दूकानें आवंटित की गई है।
जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों दूकानें हैं, जो स्कूल, अस्पताल और मंदिरों के पास आवंटित की गई हैं। पूरे दिन शराबियों के हंगामे की वजह से आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो गया है। अभिभावकों को उन्हें छोड़ने स्कूल जाते समय पियक्कड़ों का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद लोगों में एक उम्मीद जगी है। गुरुवार को उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि शिक्षण संस्थानों के पांच सौ मीटर के दायरे में गुटखा और शराब की दूकानें न खोली जाएं। अब सरकार यदि इस आदेश का सख्ती से पालन करती है तो करीब 80 फीसदी मयखाने बंद हो जाएंगे।
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जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों दूकानें हैं, जो स्कूल, अस्पताल और मंदिरों के पास आवंटित की गई हैं। पूरे दिन शराबियों के हंगामे की वजह से आसपास रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। बच्चों का स्कूल आना-जाना मुश्किल हो गया है। अभिभावकों को उन्हें छोड़ने स्कूल जाते समय पियक्कड़ों का सामना करना पड़ता है। हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद लोगों में एक उम्मीद जगी है। गुरुवार को उच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि शिक्षण संस्थानों के पांच सौ मीटर के दायरे में गुटखा और शराब की दूकानें न खोली जाएं। अब सरकार यदि इस आदेश का सख्ती से पालन करती है तो करीब 80 फीसदी मयखाने बंद हो जाएंगे।
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