फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Snvregi world's oldest city

संवरेगी दुनिया की प्राचीनतम नगरी

Sun, 15 May 2016 01:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 15 May 2016 01:41 AM IST
विज्ञापन
Snvregi world's oldest city
asi river in varanasi
दुनिया के प्राचीनतम शहर वाराणसी की पहचान से जुड़ी मोक्षदायिनी असि नदी के उद्धार की अखिलेश सरकार की योजना को नए भगीरथ प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि असि के कायाकल्प की योजना को मूर्त रूप देना आसान नहीं। इसकी राह में रोड़े बहुत हैं। जिस नदी में कभी पापमोचनी पावन धारा बहती थी, उसमें वर्षों से कारखानों, घरों की गंदगी बहाई जा रही है। नदी की तलहटी को कहीं पाट कर कब्जा कर लिया गया तो कहीं वीडीए ने नीलाम कर दिया है। असि-गंगा संगम के मोक्ष तट तक को पाटकर घाट, सीढ़ियां बना दी गई हैं। धारा मोड़कर नदी के गौरवशाली इतिहास को नगवा नाले के रूप में कलंकित कर दिया गया है। नदी विशेषज्ञों और जल संरक्षण पर काम करने वाले संगठनों का कहना है कि ऐसे में असि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट निश्चित रूप से एक बड़ी पहल है लेकिन इसे साकार करने के लिए नदी की मूल समस्याओं को दूर करना होगा।
विज्ञापन


 
असि के कायाकल्प से तटवर्ती बस्तियों में रहने वाले करीब पांच लाख लोगों को नरकतुल्य जिंदगी से मुक्ति मिलेगी। हरितपट्टी के विकास से तलहटी का पर्यावरण सुधरेगा। असि कॉरीडोर में पर्यटन भी बढ़ने की उम्मीद है। असि नदी मुक्ति अभियान से जुड़े कपींद्र तिवारी बताते हैं कि असि नदी के उद्धार से शहर दक्षिणी को विकास की नई दिशा मिल सकती है। कई जगह बंद नदी के रास्ते को खोलकर अतिक्रमण मुक्त किया जाना चाहिए। नदी क्षेत्र की कॉलोनियों के अलावा डीरेका, बीएचयू और शहर के नालों को असि में बहने से रोकने की योजना बननी चाहिए। असि नदी पर लंबे समय तक काम करने वाले पर्यावरणविद प्रो. यूके चौधरी का कहना है कि असि के उद्धार के बिना वाराणसी का उद्धार नहीं हो सकता। इस नदी के पुनर्जीवन के लिए इसकी समस्याओं को चिह्नित कर दूर किया जाना चाहिए। सरकार को चाहिए कि ज्यादा नुकसान भी न हो और नदी पुनर्जीवित हो जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed