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दुकान में हुई चोरी से परेशान दुकानदार ने लगाई फांसी, पुलिस को फोन कर कही थी ये बात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 19 Jul 2018 09:28 PM IST
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यूपी के गाजीपुर जिले के गांव निवासी दुकानदार ने गुरुवार दोपहर फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। परिजनों की माने तो बीते दिनों दुकान से 14 हजार की चोरी होने के बाद से वह काफी परेशान रहता था। फांसी लगाने से पहले उसने पुलिस से चोर के संबंध में मोबाइल से बात की और उसे पकड़ने का आग्रह भी किया था।
करंडा थाना क्षेत्र के रामपुरमांझा निवासी हरिनारायण सिंह उर्फ मुन्ना (55) पुत्र स्व. श्रीराम सिंह गांव में खेती के साथ घर में जनरल स्टोर चलाते थे। गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे उन्होंने मकान के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में छत की कुंडी से रस्सी के सहारे फांसी लगा ली।
काफी देर नीचे नहीं आने पर घरवाले ऊपर गए तो उन्हें फांसी पर लटकता देख चीख-पुकार मच गई। लोगों के रोने की आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी पहुंच गए। पुलिस पहुंची तो घरवालों ने लाश को देने से मना कर दिया। बाद में काफी समझानेे के बाद शव को पुलिस कब्जे में ले पाई।
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परिवार वालों के मुताबिक हरिनारायण सिंह के जनरल स्टोर में 14 जुलाई को14 हजार रुपये चोरी हो गए थे। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी। इस घटना से वे परेशान रहते थे। दिन में 11 बजे उन्होंने थानाध्यक्ष को फोन कर किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह जताते हुए उनसे कार्रवाई की बात कही थी।
एसओ त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि सुबह हरिनारायण सिंह ने फोन किया था और एक व्यक्ति की चोरी का संदेह व्यक्त कर रहे थे। मैने उनसे कहा था कि मैं कोर्ट जा रहा हूं।
कोर्ट का काम खत्म करने के बाद आऊंगा और मामले की जांच-पड़ताल करूंगा। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी हृदयानंद सिंह ने बताया कि मामले मेरे संज्ञान में है। जांच-पड़ताल कराई जाएगी।
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करंडा थाना क्षेत्र के रामपुरमांझा निवासी हरिनारायण सिंह उर्फ मुन्ना (55) पुत्र स्व. श्रीराम सिंह गांव में खेती के साथ घर में जनरल स्टोर चलाते थे। गुरुवार की दोपहर करीब एक बजे उन्होंने मकान के ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में छत की कुंडी से रस्सी के सहारे फांसी लगा ली।
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काफी देर नीचे नहीं आने पर घरवाले ऊपर गए तो उन्हें फांसी पर लटकता देख चीख-पुकार मच गई। लोगों के रोने की आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी पहुंच गए। पुलिस पहुंची तो घरवालों ने लाश को देने से मना कर दिया। बाद में काफी समझानेे के बाद शव को पुलिस कब्जे में ले पाई।
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परिवार वालों के मुताबिक हरिनारायण सिंह के जनरल स्टोर में 14 जुलाई को14 हजार रुपये चोरी हो गए थे। इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी। इस घटना से वे परेशान रहते थे। दिन में 11 बजे उन्होंने थानाध्यक्ष को फोन कर किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह जताते हुए उनसे कार्रवाई की बात कही थी।
एसओ त्रिवेणी लाल सेन ने बताया कि सुबह हरिनारायण सिंह ने फोन किया था और एक व्यक्ति की चोरी का संदेह व्यक्त कर रहे थे। मैने उनसे कहा था कि मैं कोर्ट जा रहा हूं।
कोर्ट का काम खत्म करने के बाद आऊंगा और मामले की जांच-पड़ताल करूंगा। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी हृदयानंद सिंह ने बताया कि मामले मेरे संज्ञान में है। जांच-पड़ताल कराई जाएगी।
परिवार में छह लोग कर चुके हैं आत्महत्या
रामपुरमांझा निवासी स्व. श्रीराम सिंह के परिवार में हरिनारायण सिंह उर्फ मुन्ना समेत अब तक छह लोग आत्महत्या कर चुके हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं पूरे दिन होती रही।
ग्रामीणों की माने तो करीब 35 वर्ष पहले हरिनारायण सिंह उर्फ मुन्ना की मां ने जहर खाकर जान दिया था। उसके करीब एक साल बाद सबसे बड़े भाई रामनरायन सिंह ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
15 वर्ष पहले दूसरे नंबर के भाई प्रेम नारायण सिंह ने जहर खाकर तो परिवार की एक महिला ने शरीर में आग लगाकर जान दे दी थी। दो वर्ष पहले मुन्ना के बड़े भाई रामायण सिंह ने फांसी लगा कर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी।
गुरुवार को हरिनारायण सिंह के फांसी लगाने से घर में यह छठवीं आत्महत्या है। परिवार में अब सिर्फ एक भाई बचे हैं और मृतक भाइयों के बेटे-बेटियां हैं।
ग्रामीणों की माने तो करीब 35 वर्ष पहले हरिनारायण सिंह उर्फ मुन्ना की मां ने जहर खाकर जान दिया था। उसके करीब एक साल बाद सबसे बड़े भाई रामनरायन सिंह ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
15 वर्ष पहले दूसरे नंबर के भाई प्रेम नारायण सिंह ने जहर खाकर तो परिवार की एक महिला ने शरीर में आग लगाकर जान दे दी थी। दो वर्ष पहले मुन्ना के बड़े भाई रामायण सिंह ने फांसी लगा कर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी।
गुरुवार को हरिनारायण सिंह के फांसी लगाने से घर में यह छठवीं आत्महत्या है। परिवार में अब सिर्फ एक भाई बचे हैं और मृतक भाइयों के बेटे-बेटियां हैं।