{"_id":"5896f8624f1c1b953fe827af","slug":"shankaracharya-said-in-varanasi-ram-rajya-to-be-established-in-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में बोले शंकराचार्य, देश में स्थापित हो रामराज्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में बोले शंकराचार्य, देश में स्थापित हो रामराज्य
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 05 Feb 2017 03:40 PM IST
विज्ञापन
Swaroopanand Saraswati
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गणतंत्र तिथि महोत्सव में शनिवार को तिरंगे को द्वारका-शारदा, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने सलामी दी। माघ शुक्ल अष्टमी तिथि को ही भारतीय गणतंत्र का उदय हुआ था। इस मौके पर शंकराचार्य ने कहा कि देश में रामराज्य लाने का सपना साकार करने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए।
उस दौर के संघर्ष का उद्देश्य भारत में रामराज्य लाना था। केदार घाट पर समारोह में शंकराचार्य ने कहा कि गोहत्या जब तक बंद नहीं होगी, धरती सश्य श्यामला नहीं हो सकती। गंगा की धारा अविरल होनी चाहिए।
बताया कि लोग जब पूछते हैं कि आप हिंदू राष्ट्र चाहते हैं, तब उनको उत्तर देता हूं कि हम रामराज्य चाहते हैं। क्योंकि हिंदू राज्य तो रावण और कंस का भी था। इस अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र, ब्रह्मचारी ब्रह्मविद्यानंद, शारदानंद, केशवानंद, डॉ. गिरीश तिवारी, रमेश चोपड़ा, परमानंद उपाध्याय, राजेंद्र तिवारी बबलू, राजेंद्र मिश्र, स्वामी सदाशिव ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती, समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
इससे पहले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती न्याय वेदांत महाविद्यालय के वैदिक बटुकों ने रंजन शर्मा के नेतृत्व में परेड कर तिरंगे को सलामी दी।
डॉ. विजय कपूर और भैरवी कुमारी ने गंगा गीत के अलावा देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. गांगेय हंस और धन्यवाद ज्ञापन रमेश उपाध्याय ने किया।
विज्ञापन
उस दौर के संघर्ष का उद्देश्य भारत में रामराज्य लाना था। केदार घाट पर समारोह में शंकराचार्य ने कहा कि गोहत्या जब तक बंद नहीं होगी, धरती सश्य श्यामला नहीं हो सकती। गंगा की धारा अविरल होनी चाहिए।
विज्ञापन
बताया कि लोग जब पूछते हैं कि आप हिंदू राष्ट्र चाहते हैं, तब उनको उत्तर देता हूं कि हम रामराज्य चाहते हैं। क्योंकि हिंदू राज्य तो रावण और कंस का भी था। इस अवसर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र, ब्रह्मचारी ब्रह्मविद्यानंद, शारदानंद, केशवानंद, डॉ. गिरीश तिवारी, रमेश चोपड़ा, परमानंद उपाध्याय, राजेंद्र तिवारी बबलू, राजेंद्र मिश्र, स्वामी सदाशिव ब्रह्मेंद्रानंद सरस्वती, समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
विज्ञापन
इससे पहले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती न्याय वेदांत महाविद्यालय के वैदिक बटुकों ने रंजन शर्मा के नेतृत्व में परेड कर तिरंगे को सलामी दी।
डॉ. विजय कपूर और भैरवी कुमारी ने गंगा गीत के अलावा देशभक्ति के गीत प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. गांगेय हंस और धन्यवाद ज्ञापन रमेश उपाध्याय ने किया।