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अमित शाह शाह ने बिंद बस्ती में दलितों के साथ किया भोजन
ब्यूरो/अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2016 02:06 AM IST
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वाराणसी में बिंद के घर में खाना खाता भाजपाध्यक्ष अमित शाह।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह मंगलवार की दोपहर सेवापुरी विकास खंड के जोगियापुर गांव पहुंचे। गांव की बिंद बस्ती में उनका गाजेबाजे के साथ स्वागत किया गया। शाह ने गिरिजा प्रसाद बिंद के यहां भोजन कर समाज के अति पिछड़े और दलित समुदाय के लोगों के बीच यह विश्वास जगाया कि 2017 के चुनाव में यूपी में भाजपा की सरकार में वापसी होती है तो निश्चित ही पिछड़ों और दलितों के अच्छे दिन आएंगे। शाह के साथ चंदौली के सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, विधायक श्यामदेव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल और एमएलसी केदारनाथ सिंह भी भोज में शरीक हुए।
शाह दोपहर 11:45 बजे जोगियापुर गांव पहुंचे और लगभग 38 मिनट यहां रहे। यह पहला मौका था जब दलितों-पिछड़ों के इस गांव में राष्ट्रीय स्तर का कोई नेता पहुंचा। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र का यह गांव आजादी के 69 साल बाद भी बिजली, पानी, सड़क, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से बेजार है। न सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है और न बिजली। सड़कों की दशा भी बेहद खराब है। ऐसे में भाजपाध्यक्ष के आने से यहां के लोगों में उम्मीद जगी है कि जरूर अब इस गांव की तस्वीर बदलेगी।
शाह ने गिरिजा प्रसाद बिंद के साथ उनके घर पर दोपहर का भोजन किया। भोजन में उन्हें चावल, दाल, कढ़ी के अलावा लौकी का कोफ्ता, कटहल और नेनुआ की सब्जी, आम की चटनी परोसी गई। यह पूरा खाना घर की बहुओं ने तैयार किया था और बेटियों ने उसे परोसा। शाह को लौकी का कोफ्ता और आम की चटनी बेहद पसंद आई। सादी रोटी उन्होंने मांगकर खाई। इससे पहले आते ही उन्हें ठंडा पानी और गांव में तैयार गुड़ दिया गया था।
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इससे पहले पूरी रात स्वागत की तैयारी चली। भाजपा अध्यक्ष के आने की खबर से पूरा गांव प्रफुल्लित था। युवाओं ने श्रमदान कर गांव को साफ -सुथरा किया। सड़कों पर दोनों किनारे चूने का छिड़काव किया गया। घरों के बाहर महिलाओं ने रंगोली सजाई। जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए। इतना ही नहीं गिरिजा प्रसाद के घर पर जुटने वाले मेहमानों के लिए मनोरंजन का भी इंतजाम था। आर्केस्ट्रा के कलाकारों ने फिल्मी गानों के बीच मोदी सरकार के कामकाज का बखान किया। उधर बैंड बाजे पर थिरकने वालों की भी कोई कमी नहीं थी। क्या बच्चे और क्या महिलाएं .. सब खूब नाचे।
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शाह दोपहर 11:45 बजे जोगियापुर गांव पहुंचे और लगभग 38 मिनट यहां रहे। यह पहला मौका था जब दलितों-पिछड़ों के इस गांव में राष्ट्रीय स्तर का कोई नेता पहुंचा। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र का यह गांव आजादी के 69 साल बाद भी बिजली, पानी, सड़क, शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से बेजार है। न सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है और न बिजली। सड़कों की दशा भी बेहद खराब है। ऐसे में भाजपाध्यक्ष के आने से यहां के लोगों में उम्मीद जगी है कि जरूर अब इस गांव की तस्वीर बदलेगी।
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शाह ने गिरिजा प्रसाद बिंद के साथ उनके घर पर दोपहर का भोजन किया। भोजन में उन्हें चावल, दाल, कढ़ी के अलावा लौकी का कोफ्ता, कटहल और नेनुआ की सब्जी, आम की चटनी परोसी गई। यह पूरा खाना घर की बहुओं ने तैयार किया था और बेटियों ने उसे परोसा। शाह को लौकी का कोफ्ता और आम की चटनी बेहद पसंद आई। सादी रोटी उन्होंने मांगकर खाई। इससे पहले आते ही उन्हें ठंडा पानी और गांव में तैयार गुड़ दिया गया था।
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इससे पहले पूरी रात स्वागत की तैयारी चली। भाजपा अध्यक्ष के आने की खबर से पूरा गांव प्रफुल्लित था। युवाओं ने श्रमदान कर गांव को साफ -सुथरा किया। सड़कों पर दोनों किनारे चूने का छिड़काव किया गया। घरों के बाहर महिलाओं ने रंगोली सजाई। जगह-जगह तोरण द्वार बनाए गए। इतना ही नहीं गिरिजा प्रसाद के घर पर जुटने वाले मेहमानों के लिए मनोरंजन का भी इंतजाम था। आर्केस्ट्रा के कलाकारों ने फिल्मी गानों के बीच मोदी सरकार के कामकाज का बखान किया। उधर बैंड बाजे पर थिरकने वालों की भी कोई कमी नहीं थी। क्या बच्चे और क्या महिलाएं .. सब खूब नाचे।