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मेन लाइन से जुड़ेंगे 55 हजार घरों के सीवर
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Sat, 27 Feb 2016 02:22 AM IST
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उन्होंने कहा कि अमृत के तहत इस कार्य को मार्च 2017 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। इसके लिए केंद्र से 105 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी जा चुकी है। उन्होंने गोइठहां में बन रहे 120 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य की प्रगति पर संतोष जताया। कहा कि इस योजना को भी मार्च 2017 तक हर हाल मेें पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंडियन ऑयल सीएसआर के तहत 10 छोटे-छोटे कूड़ा प्लांट शहर के अलग-अलग इलाकों में लगाएगा।
साथ ही, 200 एमटी का कूड़ा प्लांट रमना में जून तक शुरू कर दिया जाएगा। निगम प्रशासन ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की शुरूआत की है। इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गुरुधाम में आईपीडीएस योजना के तहत भूमिगत केबिल बिछाने के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा गया है ताकि हृदय के तहत बनने वाली सड़क को समय से पूरा कराया जा सके।
करसड़ा में अधर में लटके कूड़ा प्लांट के विवाद को सुलझाने में केंद्र सरकार मदद करेगी। संयुक्त सचिव ने बताया कि कानपुर में भी इस तरह के कई विवाद थे। वहां एक निजी संस्था के साथ मिलकर कई मामलों को सुलझाया गया। उस कंपनी को यहां भी बुलाएंगे। इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव बनाकर कंपनी से संपर्क किया जाएगा।
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हृदय के तहत शहर में कुल 32 सड़कों का निर्माण कराया जाना है। पहले चरण में 14 करोड़ रुपये की लागत से 10 सड़कों पर काम शुरू हो गया है। दूसरे चरण में नगर निगम की ओर से 20 सड़कें चयनित हैं। इनके निर्माण पर 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संयुक्त सचिव ने हृदय की सभी सड़कों को सांस्कृतिक विरासत के नजरिये से बनाने के निर्देश दिए। इन सड़कों के दोनों किनारों पर धरोहरों से जुड़ी पेंटिंग कराने को भी कहा।
कोतवाली से भरत मिलाप कॉलोनी, मछोदरी रोड, सरायनंदन से हनुमान मंदिर, सरैया पुलिस चौकी से शैलपुत्री, भैरोनाथ से महामृत्युंजय, गुरुधाम से श्रीराम मंदिर तक, सिगरा वार्ड से घंटी मिल तक, कमच्छा से सुदामा नगर कॉलोनी, संकटमोचन मार्ग और भदऊं चुंगी (राजघाट) से भैंसासुर घाट।
बड़ा गणेश मंदिर वाली गली, हरतीरथ चौराहा से महामृत्युंजय मंदिर, भैरवनाथ चौराहा से कालभैरव, चंद्रिका नगर कालोनी, बेनियाबाग तिराहा से गिरजाघर तिराहा, फातमान रोड से बादशाह बाग कालोनी, नाटी इमली स्थित काली मंदिर से श्रम कार्यालय, मछोदरी पार्क रोड, चित्रकूट मैदान से धूपचंडी मंदिर तक, ईश्वरगंगी से हनुमान मंदिर तक, नाग कुआं रोड, क्रांति पल्ली से साईबाबा मंदिर से कंकडहवा वीर मंदिर तक, तिलभांडेश्वर मंदिर, खोजवा में रामलीला मैदान, अस्सी स्थित वानखंडी महादेव, हरिश्चंद्र घाट से सोनारपुरा तिराहा, जवाहर नगर एक्सटेंशन, कमच्छा नीमा माई मंदिर से रेवड़ी तालाब पुलिस चौकी तक।
संयुक्त सचिव ने निरीक्षण के बाद नगर निगम स्थित महापौर रामगोपाल मोहले के कार्यालय में बैठक की। इसमें नगर निगम के अलावा जलकल, जल निगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, सीएंडडीएस, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी, पावर फाईनेंस कारपोरेशन, एयरपोर्ट अथारिटी, भेल के अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के उपसिचव सुमित गाखड़, नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही, अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, तहसीलदार अविनाश कुमार, मुख्य अभियंता कैलाश सिंह, अधिशासी अभियंता एसएसी सिंह, गंगा प्रदूषण के महाप्रबंधक संजय सिंह, सीएंडीएस के आरके सिंह, जलकल के बीके सिंह आदि मौजूद रहे।
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साथ ही, 200 एमटी का कूड़ा प्लांट रमना में जून तक शुरू कर दिया जाएगा। निगम प्रशासन ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की शुरूआत की है। इसे और विस्तार देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गुरुधाम में आईपीडीएस योजना के तहत भूमिगत केबिल बिछाने के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा गया है ताकि हृदय के तहत बनने वाली सड़क को समय से पूरा कराया जा सके।
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करसड़ा में अधर में लटके कूड़ा प्लांट के विवाद को सुलझाने में केंद्र सरकार मदद करेगी। संयुक्त सचिव ने बताया कि कानपुर में भी इस तरह के कई विवाद थे। वहां एक निजी संस्था के साथ मिलकर कई मामलों को सुलझाया गया। उस कंपनी को यहां भी बुलाएंगे। इसके लिए जल्द ही प्रस्ताव बनाकर कंपनी से संपर्क किया जाएगा।
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हृदय के तहत शहर में कुल 32 सड़कों का निर्माण कराया जाना है। पहले चरण में 14 करोड़ रुपये की लागत से 10 सड़कों पर काम शुरू हो गया है। दूसरे चरण में नगर निगम की ओर से 20 सड़कें चयनित हैं। इनके निर्माण पर 40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। संयुक्त सचिव ने हृदय की सभी सड़कों को सांस्कृतिक विरासत के नजरिये से बनाने के निर्देश दिए। इन सड़कों के दोनों किनारों पर धरोहरों से जुड़ी पेंटिंग कराने को भी कहा।
कोतवाली से भरत मिलाप कॉलोनी, मछोदरी रोड, सरायनंदन से हनुमान मंदिर, सरैया पुलिस चौकी से शैलपुत्री, भैरोनाथ से महामृत्युंजय, गुरुधाम से श्रीराम मंदिर तक, सिगरा वार्ड से घंटी मिल तक, कमच्छा से सुदामा नगर कॉलोनी, संकटमोचन मार्ग और भदऊं चुंगी (राजघाट) से भैंसासुर घाट।
बड़ा गणेश मंदिर वाली गली, हरतीरथ चौराहा से महामृत्युंजय मंदिर, भैरवनाथ चौराहा से कालभैरव, चंद्रिका नगर कालोनी, बेनियाबाग तिराहा से गिरजाघर तिराहा, फातमान रोड से बादशाह बाग कालोनी, नाटी इमली स्थित काली मंदिर से श्रम कार्यालय, मछोदरी पार्क रोड, चित्रकूट मैदान से धूपचंडी मंदिर तक, ईश्वरगंगी से हनुमान मंदिर तक, नाग कुआं रोड, क्रांति पल्ली से साईबाबा मंदिर से कंकडहवा वीर मंदिर तक, तिलभांडेश्वर मंदिर, खोजवा में रामलीला मैदान, अस्सी स्थित वानखंडी महादेव, हरिश्चंद्र घाट से सोनारपुरा तिराहा, जवाहर नगर एक्सटेंशन, कमच्छा नीमा माई मंदिर से रेवड़ी तालाब पुलिस चौकी तक।
संयुक्त सचिव ने निरीक्षण के बाद नगर निगम स्थित महापौर रामगोपाल मोहले के कार्यालय में बैठक की। इसमें नगर निगम के अलावा जलकल, जल निगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, सीएंडडीएस, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी, पावर फाईनेंस कारपोरेशन, एयरपोर्ट अथारिटी, भेल के अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के उपसिचव सुमित गाखड़, नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही, अपर नगर आयुक्त बीके द्विवेदी, तहसीलदार अविनाश कुमार, मुख्य अभियंता कैलाश सिंह, अधिशासी अभियंता एसएसी सिंह, गंगा प्रदूषण के महाप्रबंधक संजय सिंह, सीएंडीएस के आरके सिंह, जलकल के बीके सिंह आदि मौजूद रहे।