{"_id":"5ae2ce6e4f1c1b6e098b68bf","slug":"school-vehicles-checking-in-varanasi","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनारस में स्कूल वाहनों की हुई चेकिंग, पांच सीज व 47 का किया चालान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में स्कूल वाहनों की हुई चेकिंग, पांच सीज व 47 का किया चालान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 27 Apr 2018 02:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुशीनगर में हुए स्कूल वैन के हादसे के बाद प्रदेश भर में स्कूल वाहनों की जांच का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसको लेकर बनारस में भी जिला प्रशासन काफी सख्त नजर आया।
इसके चलते डीएम योगेश्वर राम मिश्र के निर्देश पर शुक्रवार को जिले के नगर एवं देहात क्षेत्र में अलग अलग वाहनों की जांच का विशेष अभियान चलाया गया। जिसके तहत क्षेत्र में कुल 239 स्कूल वाहनों की जांच की गई।
जिसमें से पांच वाहन सीज किए गए वहीं 47 वाहनों का चालान किया गया। इसके अलावा 1500 रुपए समन शुल्क के रुप में वसूले गए तथा तीन के विरुद्ध 151 में चालान किया गया।
विज्ञापन
इसके अलावा दिशा निर्देश में यह भी कहा गया है कि रोड पर यदि कोई ड्राइवर कान में इयरफोन लगाकर स्कूल बस या वैन चला रहा हो तो उसका फोटो खींच कर विभाग को भेजें। जिससे उचित कार्रवाई की जा सके। बता दें कि गुरुवार को कुशीनगर में ड्राइवर की लापरवाही के चलते ट्रेन की चपेट में स्कूल वैन के आ जाने से 13 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी।
विज्ञापन
इसके चलते डीएम योगेश्वर राम मिश्र के निर्देश पर शुक्रवार को जिले के नगर एवं देहात क्षेत्र में अलग अलग वाहनों की जांच का विशेष अभियान चलाया गया। जिसके तहत क्षेत्र में कुल 239 स्कूल वाहनों की जांच की गई।
विज्ञापन
जिसमें से पांच वाहन सीज किए गए वहीं 47 वाहनों का चालान किया गया। इसके अलावा 1500 रुपए समन शुल्क के रुप में वसूले गए तथा तीन के विरुद्ध 151 में चालान किया गया।
विज्ञापन
इसके अलावा दिशा निर्देश में यह भी कहा गया है कि रोड पर यदि कोई ड्राइवर कान में इयरफोन लगाकर स्कूल बस या वैन चला रहा हो तो उसका फोटो खींच कर विभाग को भेजें। जिससे उचित कार्रवाई की जा सके। बता दें कि गुरुवार को कुशीनगर में ड्राइवर की लापरवाही के चलते ट्रेन की चपेट में स्कूल वैन के आ जाने से 13 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी।