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फीस बढ़ेगी तो क्या स्कॉलरशिप है न
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Fri, 01 Apr 2016 01:55 AM IST
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बीएचयू
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केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित आईआईटी की फीस बढ़ोतरी की चर्चाओं के बीच आईआईटी बीएचयू ने मेधावी छात्र-छात्राओं की मदद का नया रास्ता खोज निकाला है। आईआईटी में दाखिला लेने में मेधावी विद्यार्थियों की राह में बढ़ी हुई फीस रोड़ा न बने, इसके लिए आईआईटी बीएचयू गरीब मेधावियों को स्कॉलरशिप देगा। ये स्कॉलरशिप संस्थान के ही पुरा छात्रों के सहयोग से दी जाएगी। ये नेक पहल आईआईटी बीएचयू ने स्वयं की है जिसका अनुसरण दूसरे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भी करने को तैयार हैं।
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल ने बताया कि आईआईटी की फीस बढ़ोतरी के साथ सरकार स्कीम भी लेकर आ रही है जिसमें बैंक से एजुकेशनल लोन लेने पर चार साल तक कोई ब्याज नहीं देना होगा। ये ब्याज सरकार देगी। लेकिन बैंक लोन से इतर आईआईटी बीएचयू ने गरीब छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने की योजना बनाई है। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
हालांकि अभी ये निर्धारित नहीं किया गया है कि अभिभावक की किस वार्षिक आय तक के लिए ये छात्रवृत्ति लागू की जाएगी। प्रो. संगल ने बताया कि ये छात्रवृत्ति पुरातन छात्र कोष से दी जाएगी जिसके लिए हमें करीब पांच करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। बता दें कि देश के आईआईटी बोर्ड ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आईआईटी की फीस बढ़ाने की सिफारिश की है। फीस बढ़ने के बाद आईआईटी के चार साल की फीस तकरीबन 24 लाख रुपये हो जाएगी।
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आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल ने बताया कि आईआईटी की फीस बढ़ोतरी के साथ सरकार स्कीम भी लेकर आ रही है जिसमें बैंक से एजुकेशनल लोन लेने पर चार साल तक कोई ब्याज नहीं देना होगा। ये ब्याज सरकार देगी। लेकिन बैंक लोन से इतर आईआईटी बीएचयू ने गरीब छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने की योजना बनाई है। इसकी तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
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हालांकि अभी ये निर्धारित नहीं किया गया है कि अभिभावक की किस वार्षिक आय तक के लिए ये छात्रवृत्ति लागू की जाएगी। प्रो. संगल ने बताया कि ये छात्रवृत्ति पुरातन छात्र कोष से दी जाएगी जिसके लिए हमें करीब पांच करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी। बता दें कि देश के आईआईटी बोर्ड ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय से आईआईटी की फीस बढ़ाने की सिफारिश की है। फीस बढ़ने के बाद आईआईटी के चार साल की फीस तकरीबन 24 लाख रुपये हो जाएगी।
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