Sawan 2022: शिव की नगरी काशी में कांवरियों का स्वागत, कहीं पखारे पांव तो कहीं की गई पुष्प वर्षा
सावन के दूसरे सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम में दोपहर 12 बजे तक तीन लाख से ज्यादा भक्तों ने हाजिरी लगाई है। काशी पहुंचे कांवरियों के स्वागत के लिए कई समाजिक संगठन आगे आए।
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सावन के दूसरे सोमवार पर काशी में कांवरियों का रेला उमड़ा है। आलम यह है कि काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले सभी मार्ग पर केसरिया नजारा है। काशी पहुंचे कांवरियों के स्वागत के लिए कई समाजिक संगठन आगे आए। काशी विश्वनाथ धाम आने वाले कांवरियों और शिवभक्तों के प्रति लोगों में सेवा भाव नजर आया। कहीं कांवरियों के पांव पखारे गए तो कहीं पुष्पवर्षा की गई।
सुबह-ए-बनारस क्लब, नीचीबाग बुलानाला व्यापार मंडल एवं काशी केराना व्यापार मंडल के बैनर तले नीचीबाग में भक्तों के बीच श्रद्धा पूर्वक फलाहार स्वरूप मालपुआ और शर्बत-पानी का वितरण किया गया। कांवरियों का पैर पखारने के बाद उनके ऊपर पुष्प वर्षा करते हुए अंगवस्त्रम पहनाकर उनको सम्मान दिया गया।
ऐस सेवा भाव देख सभी श्रद्धालु गदगद नजर आए। इस दौरान पुलिसकर्मी भी सहयोगी और मित्र की भूमिका में रही। इधर, काशी विश्वनाथ धाम में दोपहर 12 बजे तक तीन लाख से ज्यादा भक्तों ने हाजिरी लगाई है। कह सकते हैं यह संख्या सावन के पिछले आंकड़ों पर भारी पड़ गई है। सड़कों पर कांवरियों का रेला और श्रद्धा-भक्ति का मेला सजा हुआ है।
बोल-बम और हर हर महादेव का उद्घोष
सावन के दूसरे सोमवार पर बाबा के जलाभिषेक के लिए रात में ही कतारबद्ध हो गए थे। ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हुई बारिश के दौरान हजारों शिवभक्त बोल-बम का उद्घोष करते हुए खड़े रहे। गंगाद्वार की ओर से मंदिर में प्रवेश बंद कर दिए जाने के कारण भीड़ का पूरा दबाव गोदौलिया से मैदागिन के बीच दिखाई दे रहा है।
पूरा क्षेत्र बोल-बम और हर हर महादेव के उद्घोष गूंज रहा है। मंदिर परिक्षेत्र के आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तिमय शिवगंगा से तरबतर नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की कतार का एक सिरा गोदौलिया होते हुए लक्सा, दशाश्वमेध घाट और दूसरा सिरा चौक के पार है।
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